वाराणसी और पूर्वांचल में बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में रात से हो रही बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज हवा के कारण लेट गई है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
तेज हवाओं के साथ बारिश से खेतों में बिछी फसल
शुक्रवार सुबह आराज़ी लाइन विकासखंड क्षेत्र के राजातालाब, कचनार, बीरभानपुर, टोडरपुर, कनेरी, मोहनसराय, मिल्कीचक, टड़िया, भीमचंडी, बंगालीपुर, महगांव, जयापुर, मरुई, जख्खिनी, शाहंशाहपुर, भवानीपुर, जगरदेवपुर और काशीपुर सहित कई गांवों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
इस दौरान चली तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर लेट गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
फसल सड़ने और भूसा खराब होने का खतरा
टड़िया गांव के प्रगतिशील किसान श्रीप्रकाश रघुवंशी ने बताया कि जब गेहूं की फसल खेत में लेट जाती है तो उसमें नमी बढ़ने से दाने सड़ने लगते हैं और भूसा काला पड़ने का खतरा रहता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कटाई की तैयारी पर लगा ब्रेक
मोहनसराय के किसान मुन्ना लाल यादव और शिवराज तिवारी ने बताया कि गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और किसान नवरात्र के दौरान कटाई की तैयारी कर रहे थे। लेकिन अचानक मौसम बदलने से खेती का सारा काम ठप पड़ गया है।
किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम का रुख इसी तरह बना रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है।
बेमौसम बारिश से बढ़ी मुश्किलें
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार होती है। ऐसे में बारिश और तेज हवाएं फसल के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होती हैं। इससे उत्पादन पर असर पड़ने के साथ-साथ गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
फिलहाल किसान मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द फसल की कटाई कर नुकसान को कम किया जा सके।
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