वाराणसी में नाला सफाई में लापरवाही पर नगर आयुक्त का सख्त एक्शन ठेकेदार पर जुर्माना और जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि
वाराणसी: मॉनसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच अब प्रशासनिक सख्ती भी दिखाई देने लगी है। शहर में नाला सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सोमवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने महमूरगंज क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें मौके पर सफाई कार्यों की स्थिति दावों के विपरीत मिली तो उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था मेसर्स समर्थ इंटरप्राइजेज पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही क्षेत्रीय अवर अभियंता पंकज पटेल को निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त के इस अचानक निरीक्षण से नगर निगम महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पूरे दिन कार्रवाई की चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने सभी जोनों में नाला सफाई अभियान तेज कर रखा है ताकि बरसात के दौरान लोगों को जलजमाव और गंदगी की समस्या से राहत मिल सके। लेकिन निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीरों ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी।
सड़क किनारे पड़ी मिली सिल्ट पर भड़के नगर आयुक्त
महमूरगंज स्थित डॉ ऊषा गुप्ता हॉस्पिटल मार्ग और आसपास की कॉलोनियों का निरीक्षण करते समय नगर आयुक्त ने देखा कि नालों से निकाली गई सिल्ट को समय से हटाने के बजाय सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया था। कई स्थानों पर कीचड़ और गंदगी फैली हुई थी जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तेज धूप के कारण सूखती सिल्ट से धूल उड़ रही थी जिससे आसपास के लोगों और दुकानदारों को दिक्कत हो रही थी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि नालों से निकाली गई सिल्ट को समय पर नहीं हटाया गया तो हल्की बारिश और हवा के साथ वही कचरा वापस नालों में चला जाएगा और पूरी सफाई व्यवस्था बेकार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नाला सफाई केवल कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर प्रभावी तरीके से दिखनी चाहिए। उन्होंने तत्काल निर्देश दिए कि सभी स्थानों से सिल्ट को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर तिरपाल से ढंकते हुए निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अवैध अतिक्रमण बना बड़ी चुनौती
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त के सामने नालों पर किए गए अवैध अतिक्रमण का मामला भी प्रमुखता से आया। कई स्थानों पर भवन स्वामियों और दुकानदारों ने नालों के ऊपर स्थायी निर्माण कर रखा था जिससे सफाई कर्मचारियों को नालों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही थी। कुछ जगहों पर नाले पूरी तरह ढंके हुए पाए गए जिसके कारण मशीनों और सफाई कर्मचारियों के लिए भीतर तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था।
इस स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि नालों पर अवैध कब्जा शहर की जल निकासी व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी अतिक्रमणों को चिह्नित कर संबंधित लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अतिक्रमणकारियों ने स्वेच्छा से निर्माण नहीं हटाया तो नगर निगम की ओर से बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई का पूरा खर्च भी संबंधित लोगों से ही वसूला जाएगा।
मॉनसून से पहले जलभराव रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नालों को अतिक्रमण मुक्त करने और समय पर सफाई सुनिश्चित करने से जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और शहर की सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी वार्डों में नियमित निरीक्षण किया जाए और जहां भी लापरवाही मिले वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम की टीमों को रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके। नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर कार्य में ढिलाई पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
औचक निरीक्षण के दौरान नगर निगम के मुख्य अभियंता सहायक अभियंता सफाई निरीक्षक और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने मौके पर कई स्थानों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी नगर आयुक्त के सामने नाला सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याएं रखीं जिस पर उन्होंने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण और कार्रवाई की जा सकती है ताकि मॉनसून से पहले वाराणसी की जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।
LATEST NEWS