पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर जिला कारागार से रिहा, सीजेएम न्यायालय से मिला आदेश
दस दिसंबर से जिला कारागार में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बुधवार की शाम रिहा कर दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से रिहाई का आदेश प्राप्त होने के बाद जेल प्रशासन ने आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें जेल से घर जाने की अनुमति प्रदान की। जेल से बाहर निकलने के बाद पूर्व आईपीएस बिना किसी सार्वजनिक बयान के अपने रिश्तेदारों के साथ गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो गए।
धोखाधड़ी से जमीन हड़पने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
पूर्व आईपीएस को धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने के आरोप में जेल भेजा गया था। मामला वर्ष 1999 में जिला उद्योग केंद्र देवरिया में औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़े एक गंभीर फर्जीवाड़े से संबंधित बताया गया। आरोप था कि उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अलग अलग तिथियों पर फर्जी नाम, पता और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग करते हुए नूतन इंडस्ट्रीज के नाम से प्लॉट का आवंटन कराया।
आरोपों के अनुसार अभिलेखों में नाम परिवर्तन कर जमीन का आवंटन कराया गया और पद का दुरुपयोग किया गया। मामला सामने आने के बाद जांच प्रारंभ हुई और इसी क्रम में कार्रवाई की गई।
जमानतदारों का सत्यापन के बाद रिहाई
जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने बताया कि सीजेएम न्यायालय से रिहाई आदेश प्राप्त होने के बाद जमानतदारों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत पूर्व आईपीएस को नियमानुसार रिहा कर दिया गया।
फिलहाल प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया में है और आगे की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी। पूर्व आईपीएस की रिहाई के बाद मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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