दो करोड़ से अधिक की ठगी में होटल के पूर्व मैनेजर हिमांशु गुप्ता गिरफ्तार, सात गाड़ियां बरामद
लंका थाना पुलिस ने ट्रैवल व्यवसाय और पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में होटल प्रकाश पैलेस के पूर्व मैनेजर हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपित ने लोगों को वाहन चलवाने और लाभांश देने का लालच देकर गाड़ियां अपने कब्जे में लीं और बाद में उन्हें बेच दिया। उसकी निशानदेही पर सात गाड़ियां बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया है।
ट्रैवल व्यवसाय के नाम पर रचा ठगी का जाल
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के मुताबिक हिमांशु गुप्ता मूल रूप से सफदरजंग एन्क्लेव, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली का निवासी है और वाराणसी में होटल प्रकाश पैलेस में प्रबंधक रह चुका है। वह रोहित नगर, नरिया क्षेत्र में रह रहा था। इसी दौरान उसने ट्रैवल व्यवसाय में गाड़ियां चलाने और नियमित आय का भरोसा देकर कई लोगों से वाहन अपने पास लिए।
जांच में सामने आया कि आरोपित ने जिन गाड़ियों को ट्रैवल में चलाने के लिए लिया था, उन्हें ही बेच दिया। इसके अतिरिक्त उसने पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों से बड़ी रकम ली और भुगतान नहीं किया। इस तरह अलग-अलग माध्यमों से उसने दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
पूछताछ में खुली परतें, सात वाहन बरामद
थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने उसे पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया। प्रारंभिक पूछताछ में जब तथ्यों का मिलान किया गया तो उसके बयान विरोधाभासी पाए गए। पुलिस के सख्त सवालों के सामने वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर सात गाड़ियां बरामद की गईं। पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर वाहनों को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया है।
कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिमांशु गुप्ता के खिलाफ कानपुर के चकेरी थाने में तीन और वाराणसी के लंका थाने में नौ मुकदमे दर्ज हैं। सभी प्रकरण धोखाधड़ी और वाहन संबंधी लेनदेन से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।
गैंगस्टर की कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की तैयारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही उसकी संपत्तियों की जांच कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि अपराध से अर्जित धन पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित एक युवती के साथ निजी संबंधों में आर्थिक रूप से उलझ गया था और उसने उसे लाखों रुपये दिए थे। आर्थिक दबाव और निजी कारणों के चलते उसने कथित रूप से अपराध का रास्ता अपनाया। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
लंका पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क किया जा रहा है। यदि और शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित धाराओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
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