निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता: मंडलायुक्त एस राजलिंगम
वाराणसी/दिनांक 12 फरवरी 2026। मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में वाराणसी मंडल की पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का विभागवार प्रस्तुतिकरण किया गया और वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्धारित समयसीमा में परियोजनाएं पूर्ण करना शासन की प्राथमिकता
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि जनहित से जुड़ी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण हों। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं
आयुक्त ने कहा कि परियोजनाओं की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्यों में स्वीकृत मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने वित्तीय प्रगति और भौतिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया।
स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य, भौतिक प्रगति की नियमित समीक्षा
मंडलायुक्त ने सभी मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण अवश्य करें और वास्तविक भौतिक प्रगति से अवगत रहें। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में आने से पूर्व संबंधित अधिकारी परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन कर लें, ताकि तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर निर्णय लिया जा सके।
पर्यटन, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
बैठक में पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम, आवास विकास, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों की प्रमुख परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
विलंबित परियोजनाओं पर कड़ी चेतावनी
मंडलायुक्त ने वाराणसी मंडल की एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली अवरुद्ध या बाधित परियोजनाओं की भी जिलेवार और विभागवार समीक्षा की। लगातार विलंब पर कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि देरी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एडी हेल्थ, जेडी पर्यटन, जेडी माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा सहित मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए, ताकि शासन की योजनाएं प्रभावी रूप से धरातल पर उतर सकें।
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