वाराणसी में सीएम योगी की सख्त समीक्षा, काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार न हो, घाट निर्माण व अमृत-2 पर कड़ी निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के पहले दिन रविवार को सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए और वहां किसी प्रकार की अव्यवस्था की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस और मंदिर प्रशासन को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
घाट निर्माण में तेजी, ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने मैनपावर बढ़ाकर मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि घाटों और मंदिरों के पास चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान ऐतिहासिक धरोहरों का हर हाल में संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में बनी दुकानों तक श्रद्धालुओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाए और वहां बिकने वाली सामग्री का मूल्य उचित रखा जाए। धार्मिक स्थल श्रद्धा के केंद्र हैं, न कि कमाई का माध्यम।
रोप-वे, अमृत-2 और सीवरेज कार्यों की सघन मॉनिटरिंग
गोदौलिया में निर्माणाधीन रोप-वे स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि रोप-वे का किराया तार्किक रखा जाए ताकि आमजन को सुविधा मिले।
नगर में सीवरेज और जलापूर्ति से जुड़े अमृत-2 परियोजनाओं के कार्य व्यवस्थित ढंग से कराए जाएं। कार्यों की सघन मॉनिटरिंग हो और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से की जाए। गर्मी के मौसम में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए।
वेंडिंग जोन, अंडरग्राउंड केबलिंग और स्वच्छता पर जोर
मुख्यमंत्री ने उपयुक्त स्थलों पर व्यवस्थित वेंडिंग जोन, कान्हा उपवन और स्ट्रीट डॉग सेंटर विकसित करने का निर्देश दिया। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने तथा विद्युत तारों की अंडरग्राउंड केबलिंग मानक के अनुरूप कराने को कहा।
स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मशीनों के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया गया।
नई धार्मिक परंपराओं की अनुमति नहीं
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन संबंधित स्थल परिसर में ही हों। किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। तेज आवाज वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के उपयोग पर रोक हो तथा सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्किंग न की जाए।
उन्होंने अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने तथा अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने को कहा।
पुलिस का व्यवहार शालीन हो, जनसुनवाई नियमित
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता के प्रति उनका व्यवहार शालीन और संवेदनशील हो। लंबित राजस्व वादों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। अधिकारी नियमित जनसुनवाई करें और शिकायतों का समाधान मेरिट के आधार पर करें।
व्यापार, उद्योग बंधु और बैंकों की नियमित बैठकें कर शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने और स्कूली बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
जिम की जांच और पर्वों पर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने सभी जिम की जांच कराने और वहां महिला ट्रेनर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के साथ दोषी पुलिस कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
होली और आगामी पर्वों के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने प्रस्तुत किया प्रजेंटेशन
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने प्रस्तावित परियोजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की 74 परियोजनाएं संचालित हैं। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कानून व्यवस्था, गोतस्करों के खिलाफ कार्रवाई, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था की जानकारी दी।
बैठक में स्टाम्प राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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