गाजियाबाद में एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने वाला गिरोह पकड़ा, 16 राज्यों में 3 करोड़ की ठगी का खुलासा
गाजियाबाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मोबाइल में चालान, यूपीआई और अन्य उपयोगी एप के नाम से फर्जी एपीके फाइल भेजकर लोगों के फोन हैक करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 16 राज्यों में 94 साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देकर करीब तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
विजयनगर से तीन आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहार के जमुई जिला स्थित पीपराडीह निवासी आदर्श कुमार, जमुई के गादी कटोना निवासी पिंटू कुमार तथा झारखंड के देवघर के जसीडीह निवासी प्रशांत दीप के रूप में हुई है। तीनों को विजयनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि इन्होंने मोदीनगर निवासी डॉ. श्रवण कुमार शर्मा के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से आरटीओ ई-चालान नाम से फर्जी एपीके फाइल भेजी थी।
31.81 लाख रुपये ट्रांसफर किए
पीड़ित द्वारा फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। 10 फरवरी से 19 फरवरी के बीच उनके बैंक खातों से 31.81 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।
टेलीग्राम और स्नैपचैट से चलता था नेटवर्क
पूछताछ में आदर्श कुमार ने बताया कि उसने झारखंड निवासी एक साथी से मोबाइल हैकिंग की ट्रेनिंग ली थी। गिरोह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध लड़कियों से दोस्ती कराने वाली एप के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद व्हाट्सएप पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का डेटा हासिल कर लेते थे।
आरोपित टेलीग्राम आईडी के माध्यम से हैकिंग फाइल खरीदते थे और प्राप्त डेटा स्नैपचैट आईडी पर साझा करते थे। इसके बाद अन्य साथी मोबाइल बैंकिंग का नियंत्रण लेकर खातों से रकम ट्रांसफर कर एटीएम के जरिए निकासी करते थे।
नकली एप बनाकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार गिरोह ने भीम बाइपास एप, आरटीओ ट्रैफिक चालान 1000, पेटीएमएवी2 जैसे नामों से फर्जी एप तैयार किए थे। इन्हीं के माध्यम से लोगों को झांसा देकर उनके फोन में मैलवेयर इंस्टॉल कराया जाता था।
पुलिस फरार साथियों साहिल, पंकज यादव और अभिषेक की तलाश में जुटी है।
16 राज्यों में 94 पीड़ित
गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 94 लोगों को निशाना बनाया। कुल ठगी की रकम करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है।
दोस्ती एप से जुटाते थे नंबर
पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने फ्रेंड सर्च फोर चैट गर्ल नामक एप का उपयोग किया। यह एप इंस्टॉल करने पर मोबाइल के संपर्क नंबरों तक पहुंच की अनुमति मांगती है। आरोपित इसी माध्यम से नंबर जुटाकर व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक और एपीके फाइल भेजते थे।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, आठ सिम कार्ड और एक कार बरामद की है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध संदेश मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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