जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, पीएम मोदी ने वैश्विक संकट पर एकजुटता की अपील की
उत्तर प्रदेश के जेवर ने शनिवार दोपहर एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन किया। दोपहर 12:30 बजे आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के साथ ही देश को एक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डा मिला, जिसे वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जा रहा है। पूरी तरह विकसित होने के बाद यह परियोजना एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है।
पहले चरण में आधुनिक सुविधाओं का विकास
करीब 3300 एकड़ क्षेत्र में फैले पहले चरण में अत्याधुनिक टर्मिनल और रनवे का निर्माण किया गया है। इस चरण की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है। निर्माण कार्य पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जाएगा और इसके पूर्ण होने की समयसीमा वर्ष 2040 निर्धारित की गई है। कुल मिलाकर यह एयरपोर्ट लगभग 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैलेगा, जो इसे वैश्विक एविएशन हब बनने की क्षमता प्रदान करता है।
वैश्विक हालात पर पीएम की चिंता
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, विशेषकर इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को वैश्विक संकट करार दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है क्योंकि देश इन क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और गैस आयात करता है।
एकजुटता और धैर्य की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे धैर्य और एकजुटता के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करें। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इस विषय पर चर्चा की गई है, ताकि संभावित प्रभावों से निपटने के लिए समन्वित रणनीति बनाई जा सके। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों से भी जिम्मेदार बयान देने की अपील की।
राजनीतिक बयानबाजी भी रही केंद्र में
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अतीत में अंधविश्वास के कारण नोएडा क्षेत्र की अनदेखी की गई और कई नेता यहां आने से बचते थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को “लूट का एटीएम” बनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि शुरुआती वर्षों में एयरपोर्ट परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया गया।
यात्रियों के लिए तेज और आधुनिक अनुभव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एक खास विशेषता इसकी तेज और कुशल यात्री प्रक्रिया बताई जा रही है। यहां यात्रियों को प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक की प्रक्रिया 20 मिनट से भी कम समय में पूरी करने की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगी और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
एशिया में शीर्ष स्थान की ओर बढ़ता कदम
वर्तमान में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बीजिंग डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो लगभग 47 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट का प्रस्तावित विस्तार इसे आने वाले वर्षों में इस सूची में शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकता है।
मई से शुरू हो सकती हैं उड़ानें
जानकारी के अनुसार, इस एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन मई महीने से शुरू हो सकता है। इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के हवाई यातायात का दबाव कम होगा और उत्तर भारत में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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