वाराणसी पुलिस ने रामनगर में पशु तस्करों के गिरोह पर की बड़ी कार्रवाई, एक शातिर तस्कर घायल और गिरफ्तार
वाराणसी: जनपद में पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत रामनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस ने एक संगठित तस्करी गिरोह पर निर्णायक कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पुलिस ने अपने साहस, तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक शातिर तस्कर को घायल कर गिरफ्तार किया, जबकि उसका साथी पहले ही पकड़ में आ चुका था। इस कदम से न केवल अवैध पशु तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, बल्कि पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता भी उजागर हुई है।
घटना का विस्तृत विवरण
घटना दो चरणों में संपन्न हुई। सुबह के समय रामनगर थाना पुलिस ने नियमित चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें क्रूरतापूर्वक ठूंसकर रखे गए 34 गोवंशीय पशु बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि इन पशुओं को अवैध रूप से बिहार ले जाया जा रहा था, जहां इनके वध की आशंका जताई गई। इस दौरान प्रयागराज निवासी नौशाद अहमद को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मोबिन अहमद झाड़ियों में छिपकर फरार हो गया।
पुलिस की सघन कार्रवाई और मुठभेड़
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस ने तुरंत व्यापक घेराबंदी और सघन कॉम्बिंग अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 3:00 से 3:15 बजे के बीच विश्व सुंदरी पुल के पास बंदरगाह इलाके में संदिग्ध गतिविधि देख पुलिस सतर्क हो गई। जैसे ही पुलिस ने इलाके को चारों ओर से घेरा, झाड़ियों में छिपा मोबिन ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बावजूद पुलिस ने संयम और साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली मोबिन के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीपी और थाना प्रभारी का बयान
घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि घायल तस्कर मोबिन को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जो आगे की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
रामनगर थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि सुबह की चेकिंग के दौरान ही पुलिस को तस्करी गिरोह की भनक लग गई थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया। उन्होंने साफ कहा कि जनपद में किसी भी स्थिति में अवैध पशु तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
कानूनी कार्रवाई और अपराधियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोबिन अहमद निवासी कौशांबी और नौशाद अहमद निवासी प्रयागराज के रूप में हुई है। उनके खिलाफ धारा 109(1) बीएनएस एवं उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5A/5B/8 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस कार्रवाई को एक निर्णायक कदम बताया और कहा कि अवैध पशु तस्करी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।
समाज और पुलिस की सक्रियता
इस पूरी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि वाराणसी पुलिस अपराधियों के खिलाफ सतर्क और सक्रिय होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दृढ़ता से मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है। पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध तस्करी के मामलों में कमी आएगी और जिले में कानून और व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
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