काशी दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: आस्था, संस्कृति और शिक्षा का दिखा समन्वय
बाबा विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में विधि विधान से किया पूजन
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार को काशी दौरा धार्मिक आस्था और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने सुबह सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधि विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन अर्चन किया। इसके बाद उन्होंने बाबा कालभैरव मंदिर में भी दर्शन कर काशी की परंपरा के अनुरूप आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
दर्शन पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से सीधे संवाद स्थापित किया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, वहीं मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर और अभिवादन कर लोगों का उत्साह बढ़ाया। यह दृश्य काशी की आस्था और जनभावनाओं का जीवंत प्रतिबिंब नजर आया। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें जनसंपर्क और संवाद की झलक भी साफ दिखाई दी।
सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य कार्यक्रम में सहभागिता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रवास सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य कार्यक्रम में भागीदारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह आयोजन बरेका परिसर में आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से इस कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई है। काशी जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह शहर सदियों से आध्यात्म और संस्कृति का केंद्र रहा है।
शिवपुर में स्कूल चलो अभियान का करेंगे शुभारंभ
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचेंगे, जहां से वे पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालेंगे और विद्यार्थियों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने पूर्व में भी कहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को बेहतर नागरिक बनाने का सशक्त साधन है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
निपुण विद्यालयों और बच्चों को किया जाएगा सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पांच निपुण विद्यालयों, पांच निपुण बच्चों और पांच नव प्रवेशी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों को भी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रदेश के विद्यालयों में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा है कि शिक्षकों के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब लक्ष्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।
आस्था, संस्कृति और शिक्षा का समन्वित संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह काशी दौरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का समन्वित रूप प्रस्तुत करता है। यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक सशक्त संदेश देता है कि विकास के साथ साथ परंपरा और शिक्षा को समान प्राथमिकता देना आवश्यक है।
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