प्रयागराज: झूंसी में आंबेडकर, संत रविदास और बुद्ध की प्रतिमाओं से छेड़छाड़, इलाके में आक्रोश
प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महात्मा बुद्ध की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया। अराजक तत्वों द्वारा प्रतिमाओं पर नीला पेंट डालकर अभद्र भाषा लिखने और तोड़फोड़ करने की घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
रात में अंजाम दी गई घटना
जानकारी के अनुसार, झूंसी स्थित बाबा साहब भीमराव आंबेडकर संरक्षण समिति पार्क में डॉ. आंबेडकर, संत रविदास और महात्मा बुद्ध की प्रतिमाएं स्थापित हैं। आरोप है कि रविवार रात अज्ञात लोगों ने पार्क में घुसकर तीनों प्रतिमाओं पर नीले रंग का पेंट डाल दिया और आसपास की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए।
इसके अलावा शरारती तत्वों ने पार्क के एक कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा का चश्मा भी तोड़ दिया। इतना ही नहीं, कमरे में लगे दो पंखे भी चोरी कर लिए गए।
सुबह जानकारी मिलते ही जुटी भीड़
सोमवार सुबह जब स्थानीय निवासी अरविंद सहित अन्य लोग टहलने के लिए पार्क पहुंचे, तब इस घटना का पता चला। इसके बाद तुरंत संबंधित समिति और पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और घटना को लेकर नाराजगी जताई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि झूंसी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले भी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। इसको लेकर लोगों में पहले से ही नाराजगी थी और ताजा घटना ने गुस्से को और बढ़ा दिया है।
बसपा जिलाध्यक्ष चिंतामणि वर्मा ने आरोप लगाया कि अराजक तत्व लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस की सख्ती की कमी के कारण उनके हौसले बुलंद हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एसीपी झूंसी कुंजलता के अनुसार, पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में शामिल अराजक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
निष्कर्ष: कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रतिमाओं के साथ इस तरह की छेड़छाड़ न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी असर डालती है। स्थानीय लोग अब इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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