बरेली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का किया भंडाफोड़, होम्योपैथिक डॉक्टर समेत पांच गिरफ्तार
बरेली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह की खास बात यह रही कि इसमें एक होम्योपैथिक डॉक्टर भी शामिल था, जो ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करता था और इसके तार विदेशी, खासकर चीन से जुड़े गेमिंग ऐप तक पहुंच रहे हैं।
ट्रस्ट के जरिए होती थी ठगी की रकम की हेराफेरी
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ठगी से प्राप्त धनराशि को सीधे अपने खातों में रखने के बजाय ट्रस्ट के माध्यम से बेनेफिशियरी खातों में भेजता था। इस तरीके से वे जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते थे और पैसों के ट्रांजैक्शन को जटिल बनाते थे। गिरोह द्वारा अपनाया गया यह तरीका साइबर अपराध के नए ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जिसमें फर्जी संस्थाओं और खातों का इस्तेमाल कर ट्रेल को छिपाया जाता है।
चाइना के गेमिंग ऐप से जुड़े मिले तार
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि इस गिरोह का कनेक्शन चीन के एक गेमिंग ऐप से है। इसी ऐप के जरिए आरोपी एक साथ कई बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कर देते थे। तकनीकी रूप से यह एक उन्नत प्रणाली थी, जिससे बड़ी संख्या में ट्रांजैक्शन को कम समय में अंजाम दिया जा सकता था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कुल 22 अलग-अलग खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। इनमें से एक खाते के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर 524 शिकायतें दर्ज हैं, जो इस गिरोह की सक्रियता और व्यापक नेटवर्क को दर्शाता है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बरेली निवासी शाकिब अली, राजकुमार, आशीष सिंह और बबलू शामिल हैं। इसके अलावा आंबेडकर नगर निवासी सचेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर है। पुलिस के अनुसार, सचेंद्र कुमार गिरोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और खातों के संचालन तथा धन के ट्रांसफर में सक्रिय था।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऐप के झांसे में न आएं और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
बरेली पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे अन्य गिरोहों पर भी दबाव बनेगा और लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
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