कैम्पियरगंज में बनेगा प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय, युवाओं को रोजगार और किसानों को आय वृद्धि का नया आधार
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैम्पियरगंज में प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा करते हुए इसे पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री केवल शैक्षणिक प्रमाणपत्र नहीं होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार की मजबूत गारंटी बनेगी। यहां से डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और आधुनिक बागवानी तकनीकों के माध्यम से यह संस्थान किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण है। वायु प्रदूषण का सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब हवा दूषित होगी तो फेफड़े प्रभावित होंगे और धीरे-धीरे शरीर का पूरा तंत्र कमजोर पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो समाज भी स्वस्थ रहेगा।
दिल्ली का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण के कारण वहां डॉक्टरों को दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देनी पड़ती है। यह स्थिति प्राकृतिक संतुलन के साथ लगातार हो रहे छेड़छाड़ का परिणाम है। ऐसे समय में कैम्पियरगंज में बनने वाला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय पर्यावरणीय संकट से निपटने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध होगा। यहां अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से वन क्षेत्र बढ़ाने, पौधारोपण को वैज्ञानिक ढंग से प्रोत्साहित करने और जैव विविधता के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में स्थापित गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृतज्ञता हमारी भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। गिद्धराज जटायु ने माता सीता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से गिद्धों की संख्या लगातार कम हो रही है। इस संरक्षण केंद्र की स्थापना का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण पक्षियों की रक्षा करना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना हर नागरिक का कर्तव्य है।
किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वानिकी और उद्यान विज्ञान का क्षेत्र केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी है। फल, फूल, औषधीय पौधों और वानिकी उत्पादों के वैज्ञानिक उत्पादन से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर पर्यावरण विशेषज्ञों, वन प्रबंधन विशेषज्ञों और बागवानी वैज्ञानिकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में इस विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित छात्र न केवल सरकारी बल्कि निजी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भी अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
गोरखपुर और प्रदेश में विकास कार्यों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और विशेष रूप से गोरखपुर में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो तो परिणाम स्वतः सामने आते हैं। गोरखपुर में खाद कारखाना फिर से चालू हो चुका है, एम्स में स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। पिपराइच में चीनी मिल का पुनरुद्धार हुआ है और धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित किया गया है। गीडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास के निर्माण से लखनऊ तक की दूरी अब साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकती है। चिउटहा से कुशीनगर की दूरी मात्र आधे घंटे में पूरी हो रही है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण हो चुका है। बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी व्यापक कार्य किए गए हैं।
शिक्षा, खेल और सामाजिक योजनाओं पर जोर
जंगल कौड़िया में महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में स्थापित डिग्री कॉलेज में दो हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। क्षेत्र में स्टेडियम का निर्माण हुआ है, जिससे युवाओं को कुश्ती और अन्य खेलों में प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और खेल सुविधाओं का विस्तार ही समाज को आगे बढ़ाने का आधार है।
उन्होंने गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत और पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है। यह विकास और संवेदनशील शासन का परिणाम है।
एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी का लक्ष्य
कार्यक्रम में कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से यहां एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने ब्लॉक परिसर में हुए पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को याद किया। उन्होंने ब्लॉक परिसर में रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बना सकती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसे शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक बताया।
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