दिल्ली में सामने आए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की जांच अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। मामले में गिरफ्तार आरोपी तांत्रिक कमरुद्दीन को रिमांड पर लेने के बाद दिल्ली पुलिस उसे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद स्थित लोनी इलाके में लेकर पहुंची, जहां उसके घर और परिसर में बने एक मंदिर की विस्तृत तलाशी ली गई। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह लोनी पहुंची और सीधे आरोपी के आवास पर गई। घर के भीतर बने मंदिर कक्ष की विशेष रूप से जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने घर के विभिन्न कमरों, दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संभावित साक्ष्यों की गहन पड़ताल की। तलाशी की प्रक्रिया कई घंटों तक चली। जांच टीम ने घर के आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से प्रारंभिक स्तर पर जानकारी एकत्र की।
मीडिया से दूर रखा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी कमरुद्दीन को मीडिया से पूरी तरह दूर रखा। जब उसे वाहन से उतारा गया तो चारों ओर सुरक्षाकर्मियों का घेरा बना दिया गया ताकि किसी प्रकार की प्रत्यक्ष तस्वीर या बयान सामने न आ सके। पुलिस की प्राथमिकता जांच की गोपनीयता बनाए रखना रही। अधिकारी इस बात को लेकर सतर्क दिखे कि कोई भी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक न हो, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।
100 मीटर दूर ले जाकर पूछताछ
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी को उसके घर से करीब 100 मीटर दूर एक स्थान पर ले जाकर पूछताछ भी की। माना जा रहा है कि पुलिस उसे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और संभावित साक्ष्यों की पुष्टि कराने के लिए मौके पर ले गई थी। पूछताछ के दौरान घटनास्थल से जुड़े कई बिंदुओं पर उससे जवाब मांगे गए। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में उसकी गतिविधियां क्या थीं।
लोनी से कार में ले जाने की आशंका
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि आरोपी कमरुद्दीन तीनों पीड़ितों को लोनी से अपनी कार में बैठाकर ले गया था। पुलिस इस वाहन की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या वाहन में कोई संघर्ष के निशान, खून के धब्बे या अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य मौजूद हैं। यदि ऐसा पाया जाता है तो यह केस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। इलाके के प्रवेश और निकास मार्गों की रिकॉर्डिंग जुटाई जा रही है ताकि यह पुष्टि की जा सके कि आरोपी कब और किस समय पीड़ितों के साथ वहां से निकला। डिजिटल साक्ष्य इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इलाके में दहशत और जिज्ञासा
लोनी क्षेत्र में पुलिस की बड़ी मौजूदगी से स्थानीय लोगों में हलचल देखी गई। कई लोग अपने घरों की छतों और गलियों में खड़े होकर कार्रवाई को देखते रहे। हालांकि पुलिस ने आम लोगों को दूर रहने की हिदायत दी और अनावश्यक भीड़ को हटाया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि किसी को भी बिना अनुमति जांच स्थल के निकट नहीं आने दिया गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, आरोपी कमरुद्दीन खुद को तांत्रिक बताता था और उसके घर पर कभी-कभी बाहरी लोगों का आना-जाना रहता था। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या किसी धार्मिक या अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधि का इस हत्याकांड से कोई संबंध है।
जांच की दिशा
दिल्ली पुलिस अब इस पूरे मामले को बहुआयामी तरीके से देख रही है। एक ओर जहां घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि पीड़ितों और आरोपी के बीच क्या संबंध था और हत्या के पीछे संभावित कारण क्या हो सकता है।
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक रूप से किसी भी ठोस निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है, लेकिन जांच की गति और सख्ती यह संकेत दे रही है कि जल्द ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
तिहरे हत्याकांड ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैला दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सच्चाई सामने लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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