वाराणसी के पांडेय घाट के सामने गंगा में नाव में लगी आग, बड़ा हादसा टला
वाराणसी में मंगलवार को गंगा नदी के बीच उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब पांडेय घाट के सामने एक नाव में अचानक आग लग गई। घटना के समय नाव पर कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे संभावित जनहानि टल गई। गंगा की धारा के बीच जलती हुई नाव को देखकर आसपास मौजूद नाविकों और घाट पर खड़े लोगों में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। धुएं की लपटें उठती देख लोगों की नजरें नदी के बीच खड़ी उस नाव पर टिक गईं और तत्काल सहायता की कोशिशें शुरू कर दी गईं।
इंजन में डीजल डालते समय भड़की आग
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव का ईंधन समाप्त हो जाने के कारण वह गंगा की धारा के बीच रुक गई थी। नाविक ने इंजन को दोबारा चालू करने के लिए उसमें डीजल डाला। बताया गया कि इंजन पहले से अधिक गर्म था और ईंधन पड़ते ही उसमें चिंगारी भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। नदी के बीच अचानक आग लगने से स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन नाविकों ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई।
आसपास मौजूद अन्य नाविकों को तुरंत आवाज देकर मदद के लिए बुलाया गया। कुछ ही मिनटों में कई नावें मौके पर पहुंच गईं और पानी की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। स्थानीय नाविकों के आपसी सहयोग से आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
नाव सुरक्षित किनारे लाई गई
समय रहते आग बुझा दिए जाने से नाव को पूरी तरह जलने से बचा लिया गया। बाद में क्षतिग्रस्त नाव को सुरक्षित रूप से किनारे लाया गया, जहां उसकी स्थिति की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय नाव पर कोई यात्री मौजूद नहीं था। यदि नाव में श्रद्धालु या पर्यटक सवार होते तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।
प्रशासन ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इंजन का अत्यधिक गर्म होना और ईंधन डालते समय निकली चिंगारी बताया गया है। नाव के मालिक का नाम प्रदीप साहनी बताया गया है, जबकि नाव का संचालन विशाल मल्लाह कर रहा था।
प्रशासन ने नाविकों को भविष्य में ईंधन भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और नियमित तकनीकी जांच कराने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नावों का संचालन होता है, ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
व्यस्त घाट क्षेत्र में सुरक्षा पर उठे सवाल
पांडेय घाट वाराणसी का एक महत्वपूर्ण और व्यस्त घाट माना जाता है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस घटना ने घाट क्षेत्र में नाव संचालन की तकनीकी जांच, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और नाविकों को आपात स्थिति से निपटने के प्रशिक्षण की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है।
गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नाव संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
LATEST NEWS