महाशिवरात्रि पर्व को लेकर वाराणसी में प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। 14 फरवरी 2026 को अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय कमिश्नरेट वाराणसी श्री शिवहरी मीना की अध्यक्षता में त्र्यम्बकेश्वर मीटिंग हॉल में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक, दर्शन पूजन, शिव बारात तथा पंचकोशी यात्रा के दौरान संभावित भारी भीड़ के सुचारु संचालन, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना था। प्रशासन का अनुमान है कि महाशिवरात्रि के मुख्य दिवस पर लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचेंगे, जिसके चलते सुरक्षा प्रबंधन को इस बार और अधिक सुदृढ़ और बहुस्तरीय बनाया गया है।
धार्मिक महत्व और प्रशासनिक तैयारी
महाशिवरात्रि का पर्व काशी के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। देश और विदेश से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने मंदिर परिसर, कॉरिडोर, गंगा घाटों और प्रमुख मार्गों पर विशेष रणनीति तैयार की है। समीक्षा बैठक में पिछले वर्षों के अनुभवों का विश्लेषण कर भीड़ प्रबंधन की नई कार्ययोजना बनाई गई।
बैठक में भीड़ के संभावित दबाव, प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों की स्थिति, संवेदनशील स्थलों की पहचान, पार्किंग प्रबंधन, यातायात डायवर्जन, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र तथा खुफिया निगरानी व्यवस्था पर बिंदुवार चर्चा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पर्व के दौरान किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और एंटी सबोटाज जांच
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में इस बार त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। बाहरी, मध्य और आंतरिक परिक्षेत्र में अलग अलग प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। एंटी सबोटाज चेकिंग प्रतिदिन सुबह और शाम अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और खुफिया इकाइयों को सक्रिय रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से चौबीस घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का पूर्व परीक्षण कर प्रमाणित किया जाएगा। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ के घनत्व का आकलन कर आवश्यकतानुसार बल का पुनः आवंटन किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल निकटतम फील्ड यूनिट को भेजी जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था
महाशिवरात्रि के अवसर पर चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी ताकि अचानक भीड़ का दबाव न बढ़े। बैरिकेडिंग को वैज्ञानिक तरीके से स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक कतार क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। भीड़ बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक होल्डिंग एरिया सक्रिय किया जाएगा। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार दिशा निर्देश प्रसारित किए जाएंगे ताकि श्रद्धालु भ्रमित न हों।
मंदिर से संबंधित आधिकारिक जानकारी और दर्शन व्यवस्था का विवरण काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और बैरिकेडिंग व्यवस्था का पालन करें तथा अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
यातायात प्रबंधन और डायवर्जन योजना
मंदिर क्षेत्र और पंचकोशी यात्रा मार्ग पर पूर्व निर्धारित ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। सभी डायवर्जन बिंदुओं पर स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट varanasi.nic.in पर भी यातायात और सुरक्षा संबंधी दिशा निर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
गंगा घाटों और जल क्षेत्र की सुरक्षा
महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान भी करते हैं। इसे देखते हुए घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर और मोटरबोट की सतत गश्त सुनिश्चित की गई है। फिसलन वाले घाटों पर अतिरिक्त प्रकाश और रस्सी बैरिकेड लगाए जा रहे हैं। अधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू की जाएगी। किसी भी प्रकार की अफवाह या भगदड़ की स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व फोर्स को तैयार रखा जाएगा।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अफवाह नियंत्रण
सोशल मीडिया सेल को सक्रिय रखते हुए भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट पर त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से यातायात और सुरक्षा संबंधी अद्यतन सूचना नियमित रूप से प्रसारित की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चिकित्सा, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन
प्रमुख स्थलों पर अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएंगे। एम्बुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है। फायर टेंडर और अग्निशमन उपकरणों को रणनीतिक स्थानों पर रखा जाएगा। आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी योजना का पूर्वाभ्यास संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
ड्यूटी अनुशासन और जवाबदेही
प्रत्येक शिफ्ट प्रारंभ होने से पूर्व औपचारिक ब्रीफिंग की जाएगी, जिसमें ड्यूटी स्थल, संवेदनशील बिंदु, भीड़ की संभावित स्थिति और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना की जानकारी दी जाएगी। शिफ्ट समाप्ति पर डिब्रीफिंग आयोजित कर सुधार योग्य बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। ब्रीफिंग और डिब्रीफिंग की कार्यवाही का विधिवत अभिलेखीकरण किया जाएगा। अनुपस्थिति या लापरवाही पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
महिला सुरक्षा और श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहार
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई है। एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय रहेगा। छेड़छाड़ या जेबकतरी जैसी घटनाओं पर तत्काल सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संयमित व्यवहार रखें तथा महिला, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दें।
स्थलीय निरीक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
समीक्षा बैठक के उपरांत अपर पुलिस आयुक्त द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर और प्रमुख घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। बैरिकेडिंग, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था का परीक्षण किया गया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर निगरानी सुनिश्चित करें।
प्रशासन की अपील
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने श्रद्धालुओं और आमजन से अपील की है कि पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने हेतु प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, घाटों पर सावधानी बरतें, छोटे बच्चों और वृद्धजनों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि जन सहयोग से ही महाशिवरात्रि पर्व को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
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