वाराणसी में मसान की होली से पहले जल पुलिस की नाविकों के साथ समन्वय बैठक
वाराणसी में पारंपरिक मसान की होली के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार 17 फरवरी को जल पुलिस द्वारा दशाश्वमेध घाट पर नाविकों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता 0 ने की। उनके साथ एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी और जल पुलिस के प्रभारी निरीक्षक भी मौजूद रहे। बैठक में प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि पर्व के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और नावों के बढ़ते संचालन को देखते हुए सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने नाविकों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
घाटों पर निरीक्षण अभियान और तत्काल कार्रवाई
बैठक के उपरांत पुलिस प्रशासन ने दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट तक गंगा किनारे निरीक्षण अभियान भी चलाया। निरीक्षण के दौरान जिन नाविकों और सवारियों को बिना लाइफ जैकेट के देखा गया उन्हें तत्काल सुरक्षा उपकरण पहनने की हिदायत दी गई। कुछ नव संचालकों को यह भी स्पष्ट किया गया कि नाबालिग बच्चों से किसी भी परिस्थिति में नाव संचालन न कराया जाए। अधिकारियों ने बताया कि पर्व के दौरान उत्साह और भीड़ के माहौल में छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी वजह से सुरक्षा मानकों का पालन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि अनिवार्यता है।
नौका संचालन के लिए सख्त दिशा निर्देश
जल पुलिस की ओर से नाविकों को गंगा में नौका संचालन से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश दोहराए गए। इसके तहत तय किया गया कि निर्धारित जल मार्गों के अतिरिक्त किसी अन्य रास्ते से नाव या बजड़े का संचालन नहीं किया जाएगा। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक नाव में जीवन रक्षक उपकरण जैसे ट्यूब और रस्से रखना अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं को नाव पर बैठाने से पहले किराया तय करने को कहा गया ताकि बाद में किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो। नाव में आग बीड़ी के टुकड़े या जलती हुई माचिस जैसी असुरक्षित वस्तुएं फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
गहरे पानी और तेज धारा से बचने की सलाह
प्रशासन ने नाविकों को निर्देश दिया कि वे गहरे पानी या तेज धारा में नाव ले जाने से परहेज करें। प्रत्येक नाव पर दो कुशल नाविकों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। मोटर बोट चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को न्यूनतम रखने की सलाह दी गई है ताकि ध्यान भंग न हो। किसी भी नाविक द्वारा नशे की हालत में नाव संचालन करने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राजघाट से अस्सी घाट की ओर जाते समय नावें घाट की साइड से किनारे किनारे चलेंगी जबकि अस्सी से राजघाट की ओर आते समय रेता साइड से संचालन किया जाएगा ताकि जल मार्ग पर अव्यवस्था और टकराव की स्थिति न बने।
पृष्ठभूमि और प्रशासन की अपील
मसान की होली वाराणसी की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस पर्व के दौरान स्थानीय लोगों के साथ साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक घाटों पर एकत्र होते हैं। भीड़ के दबाव और नावों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है। प्रशासन ने नाविकों से अपील की है कि वे पुलिस और जल पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं बल्कि श्रद्धालुओं और नाविकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रशासन का आधिकारिक बयान
अधिकारियों ने कहा कि मसान की होली वाराणसी की पहचान से जुड़ा पर्व है और इसका आयोजन सुरक्षित तथा सुव्यवस्थित ढंग से कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है। जल पुलिस और जिला प्रशासन ने भरोसा जताया कि नाविकों के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि पर्व के दौरान संवेदनशील घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और जल पुलिस की तैनाती रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
LATEST NEWS