वाराणसी में चोरी के मामले का खुलासा, महिला सहित सुनार गिरफ्तार, आभूषण और नकदी बरामद
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में चोरी के एक पुराने मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक महिला अभियुक्ता और एक सुनार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से चोरी के सफेद धातु के आभूषण और नकद रुपये भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें चोरी, लूट और नकबजनी जैसी घटनाओं के खुलासे और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी
पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के नेतृत्व में थाना शिवपुर पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चोरी के मामले में वांछित अभियुक्ता और संबंधित सुनार शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दिनांक 20 मार्च 2026 को सुबह करीब 09:15 बजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में एक महिला अभियुक्ता जिसकी उम्र लगभग 31 वर्ष है तथा सचिन सेठ पुत्र विनोद सेठ निवासी मंगारी बाजार थाना फूलपुर वाराणसी शामिल हैं। सचिन सेठ की उम्र भी लगभग 31 वर्ष बताई गई है।
पुरानी चोरी की घटना से जुड़ा मामला
यह मामला दिनांक 29 जून 2025 का है, जब वादी ने थाना शिवपुर में लिखित शिकायत दी थी कि उसके घर में काम करने वाले नौकर ने घर के लॉकर में रखे आभूषण चोरी कर लिए हैं। इस शिकायत के आधार पर थाना शिवपुर में मुकदमा संख्या 292/2025 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उप निरीक्षक रोहित सिंह द्वारा की जा रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को लगातार सुराग मिलते रहे और अंततः मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और सतर्कता का परिणाम मानी जा रही है।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार महिला अभियुक्ता ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने पीड़ित के घर में काम करने के दौरान ही चोरी की घटना को अंजाम दिया था। उसने बताया कि चोरी के बाद उसने सभी आभूषण मंगारी बाजार के सुनार सचिन सेठ और उसके पिता को बेच दिए थे। अभियुक्ता के अनुसार, सुनार ने यह जानते हुए भी कि सामान चोरी का है, उसे बेहद कम कीमत पर खरीद लिया।
महिला ने यह भी बताया कि वह दोबारा उसी सुनार के पास चोरी का सामान बेचने आई थी, जहां उसे मात्र 2500 रुपये दिए गए थे। इसी दौरान पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
वहीं, अभियुक्त सचिन सेठ ने पूछताछ में बताया कि उसकी दुकान सिंधौरा क्षेत्र में है और उसके पिता की दुकान मंगारी बाजार में संचालित होती है। उसने स्वीकार किया कि जब कोई व्यक्ति चोरी का सामान लेकर आता है, तो वे लोग उसे सस्ते दामों पर खरीद लेते हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी के दो अदद पायल, एक अदद बिछिया जो सफेद धातु के हैं, तथा कुल 2500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना शिवपुर में पहले से ही मुकदमा दर्ज है, जिसमें धारा 305(ए), 317(2), 317(4) और 238 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही जारी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक रोहित सिंह, हेड कांस्टेबल सुभाषचन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल हीरालाल यादव तथा महिला कांस्टेबल पिंकी खरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता और तत्परता के चलते इस मामले का खुलासा संभव हो पाया।
वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि चोरी जैसे अपराधों में संलिप्त लोगों के साथ-साथ चोरी का सामान खरीदने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे न केवल अपराधियों में भय का माहौल बनेगा, बल्कि ऐसे अवैध नेटवर्क पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
LATEST NEWS