वाराणसी में रफ्तार का कहर थार की टक्कर से मां बेटी की मौत 200 मीटर तक घसीटती रही गाड़ी
वाराणसी: रविवार देर रात तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जीटी रोड पर तेज रफ्तार थार जीप ने बाइक सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक वाहन के अगले हिस्से में फंस गई और चालक काफी दूर तक तीनों को घसीटता हुआ ले गया। हादसे में मां और उसकी पांच वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि देवर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त थार पर पथराव कर दिया जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को चार थानों की फोर्स बुलानी पड़ी और काफी देर बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
रिंग सेरेमनी से लौट रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव निवासी सोनी राजभर अपने देवर मनीष राजभर और पांच वर्षीय बेटी पिंकी के साथ मोढ़ैला गांव में आयोजित एक रिंग सेरेमनी में शामिल होने गई थीं। देर रात कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे रोहनिया रोड स्थित भुलनपुर के पास होटल प्राइम लैंड के सामने पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार लगातार हॉर्न बजा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक चालक मनीष वाहन को किनारे करने की कोशिश कर रहा था तभी थार चालक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सीधे थार के अगले हिस्से में जा फंस गई। हादसे के बाद भी चालक ने वाहन नहीं रोका और तीनों को सड़क पर घसीटते हुए आगे बढ़ता रहा।
करीब 200 मीटर तक घसीटता रहा वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार बाइक थार के नीचे फंस जाने के कारण वाहन का पहिया जाम हो गया जिसके बाद करीब दो सौ मीटर आगे जाकर गाड़ी रुक सकी। तब तक महिला बच्ची और बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। सड़क पर खून बिखरा हुआ था और आसपास मौजूद लोग घायलों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।
लोगों ने बताया कि वाहन में फंसे घायलों को तुरंत बाहर निकालना आसान नहीं था। पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने में देरी हुई और इसी बीच मां और बेटी ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद थार में सवार दोनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में परिजनों का हंगामा
मंडुवाडीह पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल मनीष को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर उसे बाद में ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं डॉक्टरों ने सोनी राजभर और मासूम पिंकी को मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही परिजन और गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। मां बेटी की मौत से गुस्साए लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान दुर्घटनाग्रस्त थार पर ईंट पत्थरों से हमला कर दिया गया जिससे वाहन के शीशे और अन्य हिस्से टूट गए।
चार थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति तनावपूर्ण होते देख मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अजय राज ने आसपास के चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुला ली। काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद किसी तरह लोगों को शांत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
करीब दो घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में मां बेटी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस फरार थार चालक और उसके साथी की तलाश में जुटी हुई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
LATEST NEWS