जनपद मऊ पुलिस को साइबर अपराध के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएम मशीनों में ग्लू और फेवीक्वीक लगाकर लोगों के एटीएम कार्ड फंसाने और फिर खातों से रुपये निकालने वाले एक संगठित अन्तर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस गिरोह की गतिविधियां जनपद मऊ के साथ साथ आसपास के जिलों और अन्य राज्यों तक फैली हुई थीं। पुलिस ने सटीक योजना और तकनीकी जांच के आधार पर इस गिरोह के 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन सहित एटीएम कार्ड मोबाइल फोन नगद धनराशि और अन्य औजार बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ श्री ईलामारन के कुशल निर्देशन में की गई। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर श्री कृष राजपुत और प्रभारी साइबर थाना श्री शैलेष सिंह के मार्गदर्शन में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। बढ़ते साइबर अपराध और एटीएम फ्राड की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने एक विशेष अभियान चलाया। इसी अभियान के तहत दिनांक 09 फरवरी 2026 को रात्रि लगभग 22:30 मिनट पर रामपुर चकिया अंडरपास सर्विस लेन जनपद मऊ से 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
मामले का संक्षिप्त विवरण सामने रखते हुए पुलिस ने बताया कि दिनांक 17 जनवरी 2026 को जनपद मऊ के एनसीआरपी पोर्टल पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में एक महिला आवेदिका ने बताया कि भीटी चौराहे पर स्थित एक एटीएम मशीन में उनका कार्ड फंस गया था। काफी प्रयास के बाद भी जब कार्ड बाहर नहीं निकला तो उन्होंने एटीएम रूम के अंदर लिखे एक नंबर पर फोन किया। कुछ ही देर बाद उनका एटीएम कार्ड मशीन से गायब हो गया और लगभग दस मिनट के भीतर उनके खाते से 20500 रुपये निकाल लिए गए। आवेदिका द्वारा दर्ज शिकायत में एक संदिग्ध मोबाइल नंबर भी अंकित किया गया था।
साइबर सेल द्वारा उस मोबाइल नंबर की जांच करने पर यह तथ्य सामने आया कि उसी नंबर का प्रयोग कर एक दिन पूर्व दिनांक 16 जनवरी 2026 को जनपद बलिया में इसी तरह एटीएम कार्ड के माध्यम से लगभग 195000 रुपये की ठगी की गई थी। इस सूचना के आधार पर जनपदीय साइबर सेल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों एटीएम रूम और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से एक संदिग्ध वाहन प्रकाश में आया जिससे अभियुक्त घटनास्थल पर आते और जाते थे।
इसी क्रम में दिनांक 09 फरवरी 2026 की रात लगभग 21:30 मिनट पर रामपुर चकिया अंडरपास सर्विस लेन पर वही वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर पूछताछ की और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर रात लगभग 22:30 मिनट पर 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक प्रमुख लीडर है जो उनके गृह जनपद और पटना क्षेत्र में रहकर पूरे गिरोह को संचालित करता है। वही व्यक्ति फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराता है और एटीएम फ्राड की ट्रेनिंग देता है। अभियुक्तों ने बताया कि पहले उन्हें पंद्रह से बीस दिन तक साथ रखकर इस काम की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाती है। इसके बाद फर्जी मोबाइल और सिम देकर अलग अलग स्थानों पर भेजा जाता है।
गिरोह के सदस्य आपस में तय भूमिकाओं के अनुसार काम करते थे। अनीश एटीएम रूम की दीवार पर कस्टमर केयर के नाम से फर्जी मोबाइल नंबर लिख देता था। दयानन्द वह नंबर अपने पास रखता था। चन्दन एटीएम मशीन में चुपके से फेवीक्वीक या ग्लू लगा देता था जिससे कार्ड अंदर चिपक जाता था। पीछे खड़ा दीपक पीड़ित व्यक्ति की मदद के बहाने कार्ड निकालने का दिखावा करता और जब कार्ड नहीं निकलता तो दीवार पर लिखे नंबर पर फोन करने के लिए कहता था। इसके बाद पेचकस पिलास और चाकू की मदद से कार्ड को मशीन से बाहर निकाल लिया जाता था। रीतिक कार्ड निकालने में सक्रिय भूमिका निभाता था। इसके बाद सभी लोग उसी वाहन से वहां से निकलकर पास के किसी दूसरे एटीएम से रुपये निकाल लेते थे।
अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने करीब बीस से पच्चीस दिन पहले बलिया में इसी तरह लगभग 195000 रुपये की चोरी की थी। इसके बाद रसड़ा के आगे मऊ के रास्ते में एक बाजार में एटीएम फ्राड कर करीब 60000 से 65000 रुपये निकाले। फिर मऊ में लगभग 20000 रुपये और उसी दिन गोरखपुर जाते समय बड़हलगंज बाजार में करीब 75000 रुपये की ठगी की गई। अंतिम घटना के बारे में उन्होंने बताया कि दिनांक 08 फरवरी 2026 को भी इसी तरीके से करीब 30000 रुपये की चोरी की गई थी। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि वे अलग अलग राज्यों में घूमकर इसी प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार किये गये अभियुक्तगण का नाम व पता
1. दीपक कुमार पुत्र स्वर्गीय राजाराम निवासी लखमोहना थाना नारदिगंज जनपद नवादा बिहार
2. रीतिक कुमार पुत्र कुन्दन सिंह निवासी बदलपुर थाना नरहट जनपद नवादा बिहार
3.चन्दन कुमार पुत्र राजेश सिंह निवासी सादीपुर थाना नारदिगंज जनपद नवादा बिहार
4.दयानन्द कुमार पुत्र सुनील सिंह निवासी अतौवा जनपद नवादा बिहार
5.अनीश कुमार पुत्र स्वर्गीय शशीभूषण सिंह निवासी महाननपुर थाना नारदिगंज जनपद नवादा बिहार
बरामदगी का विवरण-
1-घटना में प्रयुक्त एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार
2-13 एटीएम कार्ड
3-नगद धनराशि 18600 रुपये
4-कुल 09 मोबाइल फोन जिनमें (4 स्मार्टफोन 05 कीपैड फोन)
5-एक पिलास
6-एक पेचकस
7-एक चाकू
8-एक ग्लू
9-दो फेवीक्वीक
10-एक मार्कर
11-तीन आधार कार्ड
12-एक मोहर एक इंकपैड एवं अन्य सामान
गिरफ्तारी का स्थान और दिनांक समय
रामपुर चकिया अंडरपास जनपद मऊ दिनांक 09 फरवरी 2026 समय 22 बजकर 30 मिनट
गिरफ्तार करने वाली थाना पुलिस टीम-
1-निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद सिंह साइबर क्राइम थाना जनपद मऊ
2-उप निरीक्षक राजेश्वर पाण्डेय साइबर सेल जनपद मऊ
3-हेड कांस्टेबल प्रतीक चन्द्र शुक्ल साइबर क्राइम थाना जनपद मऊ
4-कांस्टेबल करन अभिषेक सिंह साइबर सेल जनपद मऊ
5-कांस्टेबल शरद मिश्र साइबर सेल जनपद मऊ
6-कांस्टेबल प्रभात कुशवाहा साइबर क्राइम थाना जनपद मऊ
7-कांस्टेबल प्रदीप पटेल साइबर क्राइम थाना जनपद मऊ
मऊ पुलिस की इस कार्रवाई से एटीएम फ्राड के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम का प्रयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस या बैंक प्रशासन को सूचना दें।
