सोनभद्र में पॉक्सो एक्ट के दोषी को आजीवन कठोर कारावास, 1.50 लाख रुपये अर्थदंड
जनपद सोनभद्र में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिए गए अभियुक्त को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मा न्यायालय एएसजे एसपीएल पॉक्सो, सोनभद्र ने अभियुक्त को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास के साथ कुल 1,50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय मुकदमा दर्ज होने के मात्र तीन माह 15 दिनों के भीतर आया है, जिसे त्वरित न्याय की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
प्रकरण थाना चोपन, जनपद सोनभद्र से संबंधित है। मु0अ0सं0 388/2025 के तहत 27.10.2025 को मामला पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त रमेश साहनी पुत्र स्व गुलाब, निवासी कोटा खास बस्ती थाना चोपन जनपद सोनभद्र के विरुद्ध धारा 64(2)F, 65(1) बीएनएस तथा 3/4(2), 5N/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत आरोप तय किए गए थे। विवेचना के उपरांत सशक्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
35 दिनों में आरोप तय, त्वरित न्याय की दिशा में पहल
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में विवेचक शिव प्रताप वर्मा ने निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना संपादित की। आरोप तय होने के 35 दिनों के भीतर साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषसिद्धि सुनिश्चित की गई।
कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन अधिकारी तथा जनपद मॉनिटरिंग सेल के समन्वित प्रयासों से न्यायालय के समक्ष ठोस और प्रामाणिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी समन्वय प्रक्रिया के कारण मुकदमे में शीघ्र सुनवाई संभव हो सकी।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
मा न्यायालय ने अभियुक्त को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अलग अलग दंड प्रदान किया है। धारा 5J(2)/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कठोर कारावास तथा 50,000 रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया है। धारा 5N/6 पॉक्सो एक्ट में भी कठोर आजीवन कारावास और 50,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। इसी प्रकार धारा 65(1) बीएनएस में आजीवन कठोर कारावास एवं 50,000 रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आजीवन कारावास का अभिप्राय शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास रहेगा।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
इस निर्णय को जनपद में महिला एवं बाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिला और बाल अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और प्रत्येक मामले में सशक्त विवेचना तथा प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास जारी रहेगा। त्वरित न्याय और सख्त दंड के माध्यम से समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करने की दिशा में यह फैसला अहम माना जा रहा है।
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