प्रयागराज/आजमगढ़: फर्जी डिग्री-मार्कशीट गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने प्रयागराज और आजमगढ़ से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों और दूरस्थ शिक्षा संस्थानों की फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर बेचता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी वेबसाइट बनाकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार गिरोह ने यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट बनाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को भ्रमित किया। इस माध्यम से वे लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।
मामले में नवंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद साइबर थाने की पुलिस ने जांच शुरू की।
सोशल मीडिया पर देते थे विज्ञापन
जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मार्कशीट में नंबर बढ़ाने और फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने के विज्ञापन देते थे। इसके बदले प्रति दस्तावेज करीब पांच हजार रुपये वसूले जाते थे।
कॉल सेंटर बनाकर चला रहे थे नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपित ने आजमगढ़ में किराए के कमरे में एक कॉल सेंटर स्थापित कर रखा था, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। इसी के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे।
भारी मात्रा में सामान बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से कई अहम सामग्री बरामद की है, जिनमें मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम, विभिन्न संस्थानों की फर्जी मुहरें, खाली मार्कशीट, होलोग्राम, प्रिंटर और अन्य उपकरण शामिल हैं।
एसटीएफ के सहयोग से हुई गिरफ्तारी
साइबर पुलिस ने एसटीएफ लखनऊ के सहयोग से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क और कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो लंबे समय से सक्रिय था। अब इसके अन्य सदस्यों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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