इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र से अगवा करने की कोशिश, हॉस्टल में घसीटकर की गई पिटाई
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक छात्र के साथ मारपीट और अगवा करने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि हॉलैंड हॉल हॉस्टल के कुछ छात्रों ने मिलकर पीड़ित को उसके कमरे से घसीटकर बाहर निकाला, बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़ित छात्र ने कर्नलगंज थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कमरे में घुसकर किया हमला
गाजीपुर निवासी पीड़ित छात्र सौरभ संजय सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 27 मार्च की रात करीब 12:30 बजे वह अपने कमरे में खाना खा रहा था। इसी दौरान हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्र जबरन उसके कमरे में घुस आए।
आरोप है कि हमलावरों में बस्ती निवासी सूरज सिंह उर्फ सूर्या, गाजीपुर के अजीत सिंह, प्रतापगढ़ के हिमांशु सिंह उर्फ शुभम शूटर, सचिन और प्रियांशु रंजन समेत कई अन्य शामिल थे। इन लोगों ने छात्र को जबरन कमरे से बाहर खींच लिया।
घसीटकर बाहर ले गए, बेल्ट और डंडों से पीटा
पीड़ित के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उसे कमरे से बाहर घसीटते हुए ले जाकर बेल्ट, लाठी-डंडों से हमला किया। इतना ही नहीं, पिस्टल की बट से उसके सिर पर वार किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के दौरान पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर जब अन्य छात्र मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की।
अगवा करने की भी कोशिश का आरोप
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावर छात्र सौरभ को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि अन्य छात्रों के हस्तक्षेप के कारण वे इसमें सफल नहीं हो सके।
पुलिस में दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के बाद पीड़ित ने कर्नलगंज थाने में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी भी विश्वविद्यालय के छात्र
मामले की जांच कर रहे विवेचक दारोगा गुरुप्रसाद प्रजापति ने बताया कि आरोपित छात्र भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ही छात्र हैं और हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहते हैं। फिलहाल घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
कैंपस सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि हॉस्टलों में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में हालात में सुधार नहीं हो रहा है।
छात्रों और अभिभावकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच जारी, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है। आरोपियों की भूमिका की पुष्टि के बाद जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती हिंसा पर भी चिंता का विषय बन गई है।
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