अब क्यूआर कोड से दर्ज होगी शिकायत: थानों और चौकियों में नई व्यवस्था लागू
पुलिस थानों और चौकियों पर अब शिकायत दर्ज कराने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत पीड़ित अब क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी शिकायत सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें अधिकारियों की अनुपस्थिति में बार-बार थानों और चौकियों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
अधिकारियों के न मिलने पर होती थी परेशानी
अक्सर देखा जाता था कि पीड़ित अपनी शिकायत लेकर थाने या चौकी पहुंचते थे, लेकिन वहां दारोगा या कोतवाल के न होने पर उनकी सुनवाई नहीं हो पाती थी। कई बार उन्हें कई बार आना-जाना पड़ता था, जिससे परेशानी बढ़ जाती थी। अब इस नई व्यवस्था से इस समस्या का समाधान करने की कोशिश की गई है।
कैसे काम करता है क्यूआर कोड सिस्टम
कोतवाली नगर और कोतवाली देहात क्षेत्र के थानों और चौकियों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं। पीड़ित को अपने मोबाइल में गूगल लेंस की मदद से इस कोड को स्कैन करना होता है।
इसके बाद एक पोर्टल लिंक खुलता है, जहां शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होती है। सबसे पहले पीड़ित को अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद घटना का प्रकार चुनना होता है, जैसे हिंसक या अहिंसक।
इसके बाद आधार कार्ड की दोनों तरफ की फोटो अपलोड करनी होती है और साथ ही लिखित शिकायत पत्र भी अपलोड करना होता है। सबमिट करने के बाद शिकायत सीधे संबंधित थानाध्यक्ष के पास पहुंच जाती है, जहां उसका क्रमवार निस्तारण किया जाता है।
ट्रायल के तौर पर शुरू हुई व्यवस्था
यह व्यवस्था फिलहाल जनपद के दो थानों के कुल 14 स्थानों पर ट्रायल के तौर पर लागू की गई है। एक अप्रैल से शुरू हुई इस पहल के तहत अब तक 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से तीन का निस्तारण भी किया जा चुका है।
जल्द पूरे जिले में होगा विस्तार
सीओ सिटी प्रशांत राज ने बताया कि इस व्यवस्था की निगरानी की जा रही है और इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। फिलहाल कम लोग इसका उपयोग कर रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि जागरूकता बढ़ने के साथ इसका इस्तेमाल भी बढ़ेगा।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पीड़ित की शिकायत आसानी से दर्ज हो और उसे शीघ्र न्याय मिल सके। ट्रायल सफल होने के बाद इसे जनपद के सभी थानों और चौकियों में लागू किया जाएगा।
डिजिटल पहल से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान बनेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है।
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