मीरजापुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत का खुलासा पति और जेठ गिरफ्तार हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद
मीरजापुर: चुनार कोतवाली क्षेत्र के रामगढ़ गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब हत्या के रूप में सामने आया है। प्रारंभ में इसे आत्महत्या माना जा रहा था लेकिन परिजनों के आरोप और पुलिस की गहन जांच के बाद पूरे प्रकरण ने गंभीर मोड़ ले लिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और जेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना का प्रारंभिक विवरण
गुरुवार सुबह वंदना विश्वकर्मा का शव घर के भीतर पंखे से साड़ी के सहारे लटका हुआ मिला था। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताते हुए परिजनों को सूचना दी थी लेकिन मौके की परिस्थितियों को देखते हुए मायके पक्ष ने संदेह जताया। मृतका के भाई मनीष विश्वकर्मा निवासी बभनियाव थाना राजातालाब वाराणसी ने इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी।
मुकदमा दर्ज कर शुरू हुई जांच
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम की मदद से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे आत्महत्या की संभावना कमजोर होती गई और हत्या की आशंका मजबूत होती चली गई।
पुलिस टीम की कार्रवाई
चुनार कोतवाल विजयशंकर सिंह पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की गहराई से जांच की। टीम में अपराध निरीक्षक सत्येंद्र यादव उपनिरीक्षक सरोज चौबे और शिवप्रकाश सिंह शामिल रहे। रविवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति सिंटू विश्वकर्मा और उसके बड़े भाई पुनवासी विश्वकर्मा को सीखड़ ऑटो स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आए तथ्य
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया। इस बरामदगी ने मामले को और स्पष्ट कर दिया कि यह घटना आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का परिणाम थी।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पति सिंटू विश्वकर्मा का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले भी मारपीट का मुकदमा दर्ज है जिससे पुलिस को यह संदेह हुआ कि परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था जो अंततः इस घटना का कारण बना।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और परिस्थितियां
वंदना विश्वकर्मा की शादी कुछ वर्ष पूर्व सिंटू से हुई थी और वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ ससुराल में रह रही थी। उसी घर में अन्य भाइयों का परिवार भी निवास करता था जिससे पारिवारिक तनाव की स्थिति बनी रहती थी। घटना के दिन सुबह शव मिलने के बाद जल्दबाजी में उसे नीचे उतार लिया गया जिससे संदेह और गहरा गया।
फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य
मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए कई अहम साक्ष्य जुटाए। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि घटना की परिस्थितियां आत्महत्या से मेल नहीं खातीं और इसमें बाहरी हस्तक्षेप की संभावना अधिक है।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है और पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्षेत्र में आक्रोश और चिंता
घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतका के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और स्थानीय लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर संकेत करती है जहां समय रहते समाधान न होने पर स्थिति भयावह रूप ले लेती है।
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