बदायूं में सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा एक वर्षीय मासूम सौरभ आगरा से सकुशल बरामद पांच आरोपी गिरफ्तार
बदायूं/आगरा: उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद से अगवा हुए एक वर्षीय मासूम सौरभ को पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए आगरा से सकुशल बरामद कर लिया है। यह मामला न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि इसमें एक संगठित तरीके से बच्चे को बेचने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस की तेज और समन्वित कार्रवाई के बाद इस हाई प्रोफाइल अपहरण कांड का पर्दाफाश हुआ जिसमें एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शादी समारोह से हुआ मासूम का अपहरण
घटना 16 अप्रैल की रात बदायूं के इस्लामनगर क्षेत्र स्थित मोनार्क फार्म हाउस में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। इसी दौरान संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी भूखन प्रजापति का एक वर्षीय पुत्र सौरभ रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया। कुछ ही क्षणों में परिवार की खुशियां चीख पुकार और अफरा तफरी में बदल गई। परिजनों ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू की और सूचना पुलिस को दी।
मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने जांच को नई दिशा दी जिसमें एक युवती को बच्चे को ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। इस साक्ष्य ने पूरे मामले को अपहरण की ओर मोड़ दिया और पुलिस ने तत्काल गंभीरता से जांच शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला पूरा नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए जिसमें एक स्विफ्ट डिजायर कार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और बुलंदशहर के भोपतपुर निवासी मुनेश तक पहुंच बनाई। पूछताछ में पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे षड्यंत्र की मुख्य कड़ी बुलंदशहर के रामनगर निवासी खुशबू है जो एक निजी अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत है। यही आरोपी इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रही थी और उसने ही बच्चे को अगवा करने की योजना तैयार की थी।
साठ हजार में बच्चे को बेचने की साजिश
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अपहृत मासूम सौरभ को सत्तर हजार रुपये में बेचने की साजिश रची गई थी जिसमें बीस हजार रुपये एडवांस के तौर पर लिए जा चुके थे। खुशबू ने बच्चे को अपने मौसा दिनेश निवासी सुखधाम कॉलोनी थाना सदर आगरा के घर पहुंचाया। इसके बाद दिनेश ने इस मासूम को आगे अपने परिचित मुकेश के साले सोनू निवासी महल्ला दिवानजी ताजगंज को बेच दिया।
पुलिस ने जब सोनू के घर पर दबिश दी तो वहां उसकी पत्नी बबली और रिश्तेदार पूजा भी मौजूद मिलीं। टीम ने मौके से ही मासूम सौरभ को सुरक्षित बरामद कर लिया जिससे पूरे परिवार और पुलिस ने राहत की सांस ली।
पांच आरोपी गिरफ्तार एक की तलाश जारी
पुलिस ने इस पूरे मामले में खुशबू दिनेश सोनू बबली और पूजा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी मुनेश की तलाश अभी जारी है। पुलिस का मानना है कि मुनेश से पूछताछ के बाद इस गिरोह के अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं और पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की गहराई सामने आ सकती है।
पुलिस की सराहना और इनाम की घोषणा
इस सफल कार्रवाई पर डीआईजी बरेली रेंज आर के साहनी ने बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को पचास हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं एसएसपी अंकिता शर्मा ने मीडिया से बातचीत में पूरी कार्रवाई का विस्तृत विवरण देते हुए पुलिस टीम की सराहना की।
इस पूरे मामले में जब हमारे उप-संपादक संदीप श्रीवास्तव जी ने बाल अपराध और मानव तस्करी मामलों के विशेषज्ञों से बातचीत की तो विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे गिरोह अक्सर शादी समारोह जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बनाते हैं जहां से बच्चों को आसानी से अगवा किया जा सकता है। माता-पिता को चाहिए कि वो अपने बच्चों को अपने साथ ही रखे, और ज्यादा से ज्यादा उनपर ध्यान दे।
निष्कर्ष और प्रशासनिक संदेश
यह घटना एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि संगठित आपराधिक गिरोह किस तरह मासूम बच्चों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने इस बार एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया और एक परिवार की उजड़ती दुनिया को समय रहते बचा लिया। प्रशासन का यह प्रयास ऐसे अपराधों पर सख्त संदेश देता है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
LATEST NEWS