चंदौली के सकलडीहा में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई लेखपाल रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
पीडीडीयू नगर चंदौली जिले के सकलडीहा कस्बे में सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने राजस्व विभाग के एक लेखपाल को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई। आरोपी लेखपाल पंकज कुमार यादव वर्तमान में मथेला और हृदयपुर क्षेत्र में तैनात था। टीम की कार्रवाई से तहसील परिसर और प्रशासनिक महकमे में हलचल देखी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन के दाखिल खारिज की प्रक्रिया में रिपोर्ट लगाने के नाम पर लेखपाल द्वारा धन की मांग की जा रही थी। पीड़ित ने इससे परेशान होकर एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सोमवार शाम करीब चार बजे सकलडीहा राजवाहा स्थित एक किराए के कमरे में आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी के साथ उसका चचेरा भाई सुखबीर भी मौके पर मौजूद था जिसे पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया।
पीड़ित की शिकायत और कार्रवाई की पृष्ठभूमि
बलुआ के बिसापुर निवासी विनय प्रकाश ने बताया कि उनके पिता का वर्ष दो हजार चौदह में निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेखों में परिवर्तन कराने के लिए उन्होंने उप जिलाधिकारी के यहां आवेदन दिया था। उप जिलाधिकारी कार्यालय से रिपोर्ट लगाने का निर्देश संबंधित लेखपाल को दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के बदले दस हजार रुपये की मांग की। बार बार दबाव बनाए जाने पर उन्होंने तेरह फरवरी को एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।
एंटी करप्शन टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रुपये लेकर तय स्थान पर बुलाया। जैसे ही रुपये सौंपे गए टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम आरोपी को मुगलसराय कोतवाली ले गई जहां आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का बयान
सीओ सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने पुष्टि की कि लेखपाल को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं सकलडीहा क्षेत्र के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन विभाग से प्राप्त फर्द के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
एसडीएम कुंदन राज कपूर ने कहा कि विभाग से औपचारिक पत्राचार प्राप्त होते ही संबंधित लेखपाल को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
लेखपाल की तैनाती और स्थानांतरण का विवरण
आरोपी लेखपाल पंकज कुमार यादव मूल रूप से इटावा जिले के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत शकुंतला नगर नई मंडी का निवासी है। वर्ष दो हजार सोलह में उसकी नियुक्ति लेखपाल पद पर हुई थी। स्थानीय तहसील क्षेत्र में उसकी तैनाती अलग अलग गांवों में रही है। पूर्व में लगभग दो वर्ष जनौली और एक वर्ष पीथापुर में तैनात रहने के बाद चार माह पहले उसका क्षेत्र असवरिया से बदलकर मथेला और हृदयपुर किया गया था।
स्थानीय तहसील में वर्षों से जमे लेखपालों पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील क्षेत्र में कई लेखपाल लंबे समय से एक ही क्षेत्र के आसपास तैनात हैं। हल्का बदलने की प्रक्रिया होने के बावजूद कई बार उसी तहसील के आसपास स्थानांतरण होने के आरोप लगते रहे हैं। इससे ग्रामीणों को काम के दौरान असुविधा होती है और शिकायतों के समाधान में भी देरी की बात सामने आती है। इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
पृष्ठभूमि में एंटी करप्शन की भूमिका
एंटी करप्शन टीम समय समय पर मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करती रही है। सकलडीहा प्रकरण में भी विभाग ने शिकायत की पुष्टि के बाद साक्ष्यों के साथ कार्रवाई की। इस कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आम लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक दबाव और अवैध मांगों का सामना न करना पड़े।
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