कानपुर में 10 वर्षीय छात्र के अपहरण का नाटक, 2 लाख की फिरौती मांगने वाले 3 नाबालिग समेत 8 यूट्यूबर गिरफ्तार
कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय छात्र के अपहरण और 2 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया, जिसने परिवार और इलाके में दहशत फैला दी। हालांकि करीब दो घंटे बाद कथित अपहरणकर्ताओं ने इसे प्रैंक बताकर छात्र को छोड़ दिया, लेकिन मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। मां की शिकायत पर पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और करीब 48 घंटे की पड़ताल के बाद 3 नाबालिग समेत 8 युवकों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने शनिवार शाम मामले की जानकारी दी।
सब्जी लेने गया था छात्र, रास्ते में बनाया निशाना
बर्रा-8 निवासी अमित शुक्ला निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके परिवार में पत्नी प्रभाती, 10 वर्षीय बेटा हर्षल और छोटा बेटा यशू हैं। हर्षल कक्षा 4 का छात्र है और मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित एक स्कूल में पढ़ाई करता है। अमित के अनुसार 11 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे हर्षल घर के पास सब्जी लेने गया था। इसी दौरान रास्ते में दो लड़कों ने उसे बातों में उलझाया और केडीएमए स्कूल के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए।
हर्षल के अनुसार वहां पहुंचने के बाद लड़कों ने उसे धमकाया और कहा कि वह अपनी मां को फोन कर 2 लाख रुपये की मांग करे। बच्चे ने रोते हुए अपनी मां प्रभाती को कॉल किया और बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया है और छोड़ने के लिए 2 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। इसके बाद फोन काट दिया गया।
परिवार में मचा हड़कंप, फिरौती की रकम बदली
बेटे की कॉल मिलने के बाद मां प्रभाती और परिवार के अन्य सदस्य घबरा गए। करीब 25 मिनट बाद एक नए नंबर से दोबारा कॉल आई, जिसमें किदवई नगर स्थित यूपी किराना स्कूल के पास 5 हजार रुपये पहुंचाने को कहा गया। परिवार पूरी तरह दहशत में था और बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई।
रात करीब पौने 9 बजे फिर से कॉल आई। इस बार कॉल करने वालों ने खुद को यूट्यूबर बताया और कहा कि यह सब मजाक और प्रैंक था। इसके कुछ ही देर बाद रात करीब 9 बजे हर्षल सकुशल घर लौट आया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन घटना ने उन्हें भीतर तक हिला दिया।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
अगले दिन 12 फरवरी को मां प्रभाती ने गुजैनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण और फिरौती मांगने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक घटना को गंभीरता से लेते हुए दो टीमें गठित की गईं। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
सीसीटीवी और मोबाइल नंबर से खुली परतें
जांच के दौरान सामने आया कि गुजैनी थाना क्षेत्र के ही दो नाबालिग बच्चों ने पहले कॉल कर फिरौती की मांग की थी। कॉल करने के लिए आंध्रप्रदेश और कन्नौज के मोबाइल नंबरों का उपयोग किया गया था। फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ई-ब्लॉक कच्ची बस्ती निवासी अरविंद सिंह, जरौली ईडब्ल्यूएस के चंदन कुमार, वरुण विहार के लकी, बर्रा-8 के मोहम्मद शाहिद, बर्रा-8 ई ब्लॉक के अमन कटियार और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो बनाते थे और उन्हें इंस्टाग्राम तथा यूट्यूब पर पोस्ट करते थे। पुलिस जांच में आरोपियों के इंस्टाग्राम अकाउंट से 150 से 200 तक विभिन्न आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं।
पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अमन कटियार के खिलाफ गुजैनी और डेरापुर थाने में चोरी के दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इस घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस के सामने कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में ऐसी हरकत न करने की बात कही। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और इस तरह के कृत्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सोशल मीडिया प्रैंक के नाम पर अपराध
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में कुछ युवा कानून की सीमाएं लांघ रहे हैं। अपहरण जैसा गंभीर अपराध केवल प्रैंक बताकर नहीं टाला जा सकता। इस मामले में तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और वीडियो सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डीसीपी साउथ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें कानून की जानकारी दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की हरकतें न केवल अपराध हैं बल्कि इससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनता है।
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