महाशिवरात्रि पर वाराणसी के सिंधिया घाट पर भारतीय टीम की जीत के लिए विशेष आरती, बाबा विश्वनाथ से मांगा आशीर्वाद
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वाराणसी के पौराणिक सिंधिया घाट पर भारतीय क्रिकेट टीम की टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत की कामना को लेकर विशेष आरती का आयोजन किया गया। नमामि गंगे और महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों ने वेदमंत्रों के साथ विधिवत आरती उतारी। इस दौरान बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से भारतीय टीम के लिए विजय का आशीर्वाद मांगा गया।
वेदमंत्रों के साथ हुई आरती, घाट पर गूंजे जयघोष
सिंधिया घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में बाबा विश्वनाथ, प्रभु श्री रामलला, भारत माता और भारतीय क्रिकेटरों की तस्वीरें सजाई गईं। क्रिकेट किट, बैट और राष्ट्रध्वज के साथ घाट परिसर में विशेष पूजा अर्चना की गई। वेदपाठी बटुकों ने ओम जय शिव ओंकारा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों का पाठ किया तथा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विजयी भव का संदेश दिया।
घाट परिसर भारत माता की जय, चक दे इंडिया और हिंदुस्तान जीतेगा जैसे उद्घोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने मिलकर शंखनाद किया और टीम इंडिया के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
देशभक्ति और खेल के प्रति उत्साह का प्रतीक
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक तथा नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर और राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी राजेश शुक्ला ने कहा कि क्रिकेट भारतीयों का प्रिय खेल है और भारतीय टीम ने कई अवसरों पर पाकिस्तान को पराजित किया है। उन्होंने कहा कि टीम की जीत से देश का मनोबल बढ़ता है और यह आयोजन उसी भावना का प्रतीक है।
राजेश शुक्ला ने बताया कि 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदें भारतीय क्रिकेट टीम से जुड़ी हैं। टीम की सफलता के लिए मां गंगा और बाबा विश्वनाथ की आरती उतारकर आशीर्वाद मांगा गया है। उनका कहना था कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एकता और विश्वास का माध्यम भी है।
आयोजन में प्रमुख लोगों की भागीदारी
कार्यक्रम में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजिका सरिका गुप्ता, आचार्य पं. राकेश मिश्रा, महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के बटुक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर भारतीय टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की।
आस्था और खेल का संगम
महाशिवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व पर आयोजित इस आरती ने आस्था और खेल के बीच के जुड़ाव को दर्शाया। घाट पर उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि भारतीय क्रिकेट टीम की जीत केवल खिलाड़ियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाओं से जुड़ी होती है।
सिंधिया घाट पर आयोजित यह आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ साथ खेल भावना और देशभक्ति का भी प्रतीक बना। भारतीय टीम की जीत के लिए की गई प्रार्थना ने श्रद्धालुओं और क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
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