वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कड़ा रुख, SOG-02 भंग, कई थानों के बदले कप्तान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी और हाई प्रोफाइल वाराणसी कमिश्नरेट की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस आयुक्त सीपी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी और सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस कमिश्नर ने साफ कर दिया कि जनता की सुनवाई, अपराध नियंत्रण और विवेचना में लापरवाही बरतने वालों के लिए महकमे में कोई जगह नहीं है। परफॉर्मेंस आधारित जवाबदेही की इसी नीति पर चलते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप SOG 02 को भंग कर दिया है। टीम के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर पुलिस लाइन से अटैच कर दिया गया है, जिनका जल्द ही नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही वाराणसी के कई प्रमुख थानों के प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में भी बड़ा फेरबदल किया गया है।
थाना प्रभारियों का स्थानांतरण और नई तैनातियां
कार्य में निष्क्रियता और लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर ने कई अधिकारियों को इधर से उधर किया है। इस फेरबदल के तहत मिर्जामुराद के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है, जबकि उनकी जगह साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद की कमान सौंपी गई है। कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्रा अब सिगरा थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे, और सिगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र को रामनगर थाने का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं, रामनगर के प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर पाण्डेय को कैंट जैसी महत्वपूर्ण कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। उपनिरीक्षकों Sub Inspectors के स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। सिगरा थाने के अंतर्गत रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह को लाइन हाजिर किया गया है, और उनकी जगह पुलिस कमिश्नर के PRO रहे उपनिरीक्षक विकास सिंह को रोडवेज चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सैनिक सम्मेलन: पुलिसकर्मियों के कल्याण और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
अपराध समीक्षा बैठक से पहले आयोजित सैनिक सम्मेलन में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने पूर्व में आई शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की स्थिति की जांच की और नए मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से नई पेंशन योजना NPS, सरकारी आवास, पुलिस लाइंस और थानों में बुनियादी सुविधाओं तथा कर्मचारी कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। सीपी ने संबंधित शाखाओं को इन समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान निकालने के लिए पाबंद किया। इसके अलावा, विभाग में शामिल हुए नए रिक्रूट आरक्षियों New Recruits के ठहरने की व्यवस्था और उनके मकान किराया भत्ता HRA से जुड़े मामलों को भी तत्काल सुलझाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
नए आरक्षियों का कड़ा प्रशिक्षण और सोशल मीडिया गाइडलाइंस
अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस कमिश्नर ने नए भर्ती हुए आरक्षियों कांस्टेबलों की कार्यकुशलता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि इन रिक्रूट्स को विभाग की सोशल मीडिया पॉलिसी के बारे में विस्तार से बताया जाए और इसका शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नए आरक्षियों को व्यावहारिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिदिन 6 घंटे इनडोर और 6 घंटे आउटडोर प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तय की गई है। इनडोर ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सीसीटीएनएस CCTNS सॉफ्टवेयर के संचालन के साथ साथ थानों के महत्वपूर्ण अभिलेखों जैसे ग्राम अपराध रजिस्टर, हिस्ट्रीशीटर HS रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, एनसीआर NCR रजिस्टर और गुमशुदगी रजिस्टर की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद, उन्हें पुराने और अनुभवी बीट आरक्षियों के साथ फील्ड ड्यूटी बीट आवंटन पर भेजकर जनसंपर्क और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों का जमीनी पाठ पढ़ाया जाएगा।
डिजिटल टूल्स का उपयोग और तय समयसीमा में विवेचना
पुलिसिंग को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग को अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ई समन पोर्टल पर लंबित समनों को तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवंटित कर समय से तामिला सर्व कराया जाए। इसके साथ ही आंतरिक मूल्यांकन के लिए बने यक्ष ऐप की कार्यप्रणाली से निचले स्तर के प्रत्येक कर्मचारी को पूरी तरह प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचनाओं Investigations की गुणवत्ता और गति सुधारने के लिए एक कड़ा टाइमफ्रेम तय किया गया है। अब सामान्य मामलों की विवेचना 60 दिनों के भीतर और गंभीर अपराधों की विवेचना हर हाल में 90 दिनों के भीतर पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करनी होगी। मुकदमों को बेवजह लंबित रखने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
Reducing Traffic Congestion और Zero Fatality District अभियान
वाराणसी की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में कड़े ब्लूप्रिंट तैयार किए गए। रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन RTC स्कीम के तहत शहर के जिन 10 प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, वहां रूट मार्शल और संबंधित थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय के साथ जाम से मुक्ति दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी व्यवस्था की हर महीने समीक्षा की जाएगी ताकि जाम लगने के समय RTC Time को न्यूनतम किया जा सके। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले जैसे तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट, और रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर चालान और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को पूरी तरह रोकने के लिए जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट ZFD अभियान के तहत ब्लैक स्पॉट्स दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
अपराधियों पर लगेगा गैंगस्टर और जनता से बढ़ेगा सरोकार
संगठित अपराध पर प्रहार करते हुए सीपी मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि गोतस्करी, चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी, साइबर क्राइम और एनडीपीएस मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ तत्काल गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महिला संबंधी अपराधों को लेकर वाराणसी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करेगी, जहां संवेदनशीलता और त्वरित कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र मानक होगा। इसके अलावा, जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने के लिए व्यापारियों, उद्योग बंधुओं और पेंशनरों के साथ नियमित संवाद बैठकें आयोजित की जाएंगी। आईजीआरएस IGRS पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न होकर गुणात्मक और तथ्यात्मक होना चाहिए, जिसमें शिकायतकर्ता की संतुष्टि का फीडबैक अनिवार्य रूप से लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों का सम्मान और आगामी चुनौतियां
प्रशासनिक शिष्टाचार को रेखांकित करते हुए पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को प्राथमिकता के आधार पर रिसीव किया जाए। यदि किसी अपरिहार्य कारण या व्यस्तता के चलते कॉल मिस हो जाती है, तो तत्काल उन्हें कॉल बैक कर बेहद शालीन और सकारात्मक लहजे में उनकी बात सुनी जाए। किसी भी बड़ी घटना या गिरफ्तारी की स्थिति में भ्रामक सूचनाओं से बचने के लिए तत्काल उच्चाधिकारियों को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अंत में, आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण परीक्षाओं के मद्देनजर कानून व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए सभी थाना और चौकी प्रभारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी गई।
इस महत्वपूर्ण और मैराथन बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के साथ अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री आलोक प्रियदर्शी सहित कमिश्नरेट के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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