वाराणसी: दालमंडी क्षेत्र में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मंगलवार को हुए बवाल और आगजनी की घटना को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। दालमंडी चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह चौहान की तहरीर पर चौक थाने में अजमत, फारूक खान सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 तथा 7 सीएल एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि ध्वस्तीकरण कार्य में बाधा डालने, सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने और क्षेत्र में अफरातफरी फैलाने के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
मंगलवार को दालमंडी क्षेत्र में नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा जर्जर और खतरनाक घोषित किए गए मकानों को गिराने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उपद्रव के दौरान आग लगाने की कोशिश भी की गई जिससे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभाला और अतिरिक्त फोर्स बुलाकर हालात पर नियंत्रण पाया गया।
प्रशासन के अनुसार कुल 21 जर्जर मकानों को ध्वस्त किए जाने की योजना बनाई गई थी लेकिन मंगलवार को हंगामे और सुरक्षा कारणों से सभी मकानों को नहीं गिराया जा सका। अब बुधवार को बचे हुए मकानों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। दालमंडी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जिन मकानों को गिराया जा रहा है वे लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है और प्रभावित लोगों को पूर्व में सूचना दी जा चुकी थी।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने कानून हाथ में लेकर आगजनी और बवाल किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। दालमंडी में आज भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
