लखनऊ में अहम कैबिनेट बैठक से पहले बड़ा प्रशासनिक फैसला नए मंत्रियों को मिले विभाग कई जनहित प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच सोमवार को होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक से पहले रविवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर प्रस्तावित कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले राज्य सरकार ने नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया। इसके साथ ही मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी एजेंडे ने संकेत दिया है कि आगामी बैठक में कई महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है। शासन स्तर पर तैयार एजेंडे के अनुसार बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर विचार होने की संभावना है जिनका असर प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर शिक्षा स्वास्थ्य और पंचायत चुनावों तक देखने को मिल सकता है।
नए मंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारियां
कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों के विभागों का आवंटन सरकार के कामकाज में तेजी लाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नए बदलावों के तहत भूपेंद्र चौधरी और हंसराज विश्वकर्मा को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग प्रदेश की औद्योगिक संरचना और रोजगार सृजन से सीधे तौर पर जुड़ा माना जाता है। वरिष्ठ नेता मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग दिया गया है जबकि अजीत सिंह पाल को स्वतंत्र प्रभार के साथ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा सोमेंद्र तोमर को राजनीतिक पेंशन सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग सौंपा गया है जबकि कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की कमान मिली है। सुरेश राही को राजस्व विभाग का कार्यभार सौंपा गया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार विभागों के इस बंटवारे को सरकार के अगले चरण की प्रशासनिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वेटनरी छात्रों के लिए भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक के एजेंडे में शामिल प्रमुख प्रस्तावों में पशु चिकित्सा छात्रों से जुड़ा विषय भी शामिल है। जानकारी के अनुसार बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एएच पाठ्यक्रम के छात्रों को मिलने वाले इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में छात्रों को चार हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाता है जिसे बढ़ाकर बारह हजार रुपये प्रति माह किए जाने की तैयारी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इससे प्रदेश के हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त संस्थानों में हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम चिकित्सा शिक्षा और पशु चिकित्सा क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहन देने वाला माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव की दिशा में अहम कदम
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर भी कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। यह प्रस्ताव आगामी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम माना जा रहा है। न्यायालय के निर्देशों के बाद ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी करने के लिए आयोग गठन को आवश्यक माना गया था। आयोग के गठन के बाद पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और आरक्षण से संबंधित अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद पंचायत चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है।
डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने की तैयारी
राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को अधिक डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित उत्तर प्रदेश जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2026 के तहत अब पोर्टल से डाउनलोड किए गए डिजिटल प्रमाण पत्रों को वैध दस्तावेज के रूप में मान्यता देने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि नए स्वरूप में प्रमाण पत्रों पर ई साइन और क्यूआर कोड आधारित सत्यापन प्रणाली होगी जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिक घर बैठे पोर्टल से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे और उसकी वैधता ऑनलाइन सत्यापित की जा सकेगी। इसे प्रशासनिक सुधार और डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य और आधारभूत विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी शामिल हैं। लखनऊ स्थित लोहिया संस्थान में बड़े मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही मिर्जापुर में निजी विश्वविद्यालय स्थापना से जुड़े प्रस्ताव आगरा मेट्रो परियोजना और लखनऊ मेट्रो विस्तार योजना सहित कई परियोजनाओं पर भी निर्णय संभावित है।
बैठक पर टिकी प्रशासनिक और राजनीतिक नजरें
सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जाने और जनहित के प्रस्तावों की सूची सामने आने के बाद प्रदेश में विकास योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की दिशा पर सबकी नजरें टिक गई हैं। बैठक के बाद लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में प्रदेश की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर असर डाल सकते हैं।
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