मेरठ में दीवार गिरने से 17 वर्षीय तनुष की मौत, गंगा एन्क्लेव में हादसे से मचा कोहराम
मेरठ। गंगा एन्क्लेव प्रथम कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर तनुष कुमार की दीवार गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने कॉलोनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक तनुष कुमार अब्दुल्लापुर गांव के यू पॉकेट निवासी डेरी संचालक महेश कुमार का इकलौता बेटा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है और घर में कोहराम मचा हुआ है।
भैंस और बकरी चराने गया था किशोर
मंगलवार को तनुष रोज की तरह भैंस और बकरी चराने के लिए गंगा एन्क्लेव प्रथम के पी पॉकेट क्षेत्र में गया था। शाम करीब पांच बजे वह दीवार के पास बने रास्ते से बाहर निकल रहा था, तभी अचानक दीवार भरभराकर उसके ऊपर गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार काफी जर्जर हालत में थी और उसके पास एक पेड़ भी था, जिससे उसकी मजबूती और कमजोर हो गई थी।
दोस्त ने दी सूचना, परिवार ने खुद हटाया मलबा
हादसे के समय तनुष के साथ मौजूद उसके दोस्त ने पहले मौके पर शोर मचाया, लेकिन आसपास से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वह भागकर तनुष के घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही तनुष की मां और बहन मौके पर पहुंचीं और बिना किसी मदद के खुद ही ईंट और मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया।
अस्पतालों में भटकते रहे परिजन
परिजन पहले तनुष को आईआईएमटी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे दिव्य ज्योति अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
तनुष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता महेश कुमार गहरे सदमे में हैं।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ घर पर जुट गई और सभी इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र के यू पॉकेट में 26 नवंबर 2023 को भी बेसमेंट निर्माण के दौरान दीवार गिरने से तीन कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लगातार हो रहे ऐसे हादसे कॉलोनी की संरचनात्मक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
कमजोर दीवार की पहले भी हो चुकी थी शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस दीवार के गिरने से यह हादसा हुआ, वह काफी समय से जर्जर स्थिति में थी। इसकी शिकायत कई बार कॉलोनी प्रबंधन और मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) से की गई थी।
इसके बावजूद दीवार की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
परिजनों ने कॉलोनी मालिक और एमडीए के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दीवार की मरम्मत कर दी जाती, तो यह हादसा नहीं होता।
स्थानीय लोगों में भी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही भावनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सीओ सुधीर कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कॉलोनियों में निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। बिना जांच और रखरखाव के खड़ी कमजोर संरचनाएं लोगों के लिए खतरा बनती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
तनुष की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि यह भी याद दिलाया है कि लापरवाही की कीमत कभी-कभी जान देकर चुकानी पड़ती है।
LATEST NEWS