गोरखपुर। महाशिवरात्रि महापर्व की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम गोरखपुर स्थित प्रमुख शिवालयों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने महादेव झारखंडी मंदिर और मुक्तेश्वरनाथ शिव मंदिर में पहुंचकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने बेलपत्र, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर लोक मंगल और चराचर जगत की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
महादेव झारखंडी मंदिर में वैदिक विधि से संपन्न हुआ अनुष्ठान
शनिवार सायंकाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्वप्रथम गोरखपुर के महादेव झारखंडी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहले से ही प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। मंदिर में प्रवेश करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने विधि-विधान के साथ पूजन प्रारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प और विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्री अर्पित की। इसके पश्चात दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक कर श्रद्धापूर्वक आराधना की।
पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शांति, समृद्धि और नागरिकों के जीवन में खुशहाली की कामना की। उन्होंने देवाधिदेव महादेव से लोक कल्याण और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस अवसर पर हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ आस्था प्रकट की।
मुक्तेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी किया अभिषेक
महादेव झारखंडी मंदिर में पूजा संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री मुक्तेश्वरनाथ स्थित शिव मंदिर पहुंचे। यहां भी उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार पूजन-अर्चना की। दुग्ध और जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर प्रदेशवासियों के कल्याण और सुख-शांति की प्रार्थना की। पूजन के दौरान उन्होंने श्रद्धा भाव से बेलपत्र और पुष्प अर्पित किए।
मुक्तेश्वरनाथ मंदिर गोरखपुर क्षेत्र का एक प्रमुख शिवालय है, जहां महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्व तैयारी की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। देशभर के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रात्रि जागरण और अभिषेक का आयोजन होता है। गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी महाशिवरात्रि को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिवालयों में पूजा-अर्चना को आस्था और परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने पूजन के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों के सुखद और समृद्ध जीवन की कामना की। यह अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप संपन्न किया गया।
लोक कल्याण की कामना
पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बना रहे तथा प्रत्येक नागरिक का जीवन खुशहाल हो। उन्होंने चराचर जगत के कल्याण की भी कामना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेशभर में मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।
गोरखपुर में भी प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री का यह पूजन कार्यक्रम महाशिवरात्रि की तैयारियों के बीच धार्मिक वातावरण को और सुदृढ़ करता दिखा।
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