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अंबेडकरनगर में गांजा तस्करी सिंडिकेट का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, नेपाल-बांग्लादेश लिंक की जांच तेज
अंबेडकरनगर पुलिस को गांजा तस्करों के एक संगठित सिंडिकेट का तार नेपाल और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़ा होने का संदेह है। हालिया गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस की जांच कई राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैल गई है। फरार सरगना राहुल वर्मा की तलाश में जिले की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और तकनीकी इकाइयां लगातार दबिश दे रही हैं।
सरगना और वाहन चालक पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार अहिरौली क्षेत्र के गांव सिंगवन पुरुषोत्तमपट्टी निवासी राहुल वर्मा इस अवैध कारोबार का सरगना बताया जा रहा है। उसके विरुद्ध चार वर्ष पूर्व ओडिशा राज्य के कालाहांडी जनपद के कैसिगा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं वाहन चालक संदीप कुमार राजभर पर बिहार में 60 एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका मजबूत हुई है।
नेपाल बॉर्डर और पूर्वी राज्यों से तस्करी का शक
जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि यह गिरोह सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल से, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के जरिए बांग्लादेश से तथा प्रयागराज मार्ग से मध्य प्रदेश तक अवैध गांजा की सप्लाई करता रहा है। पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
क्राइम ब्रांच और एसटीएफ सक्रिय, कई राज्यों से समन्वय
सिंडिकेट की संरचना और वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और तकनीकी टीम सक्रिय है। ओडिशा, बिहार, गोरखपुर और नेपाल बॉर्डर के सोनौली क्षेत्र की पुलिस से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ भी मामले में सक्रिय भूमिका निभा रही है और विभिन्न प्रांतों की पुलिस के संपर्क में है।
43 किलो से अधिक गांजा और दो कार बरामद
गत मंगलवार को स्वाट टीम और भीटी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के गांव मजहुआ निवासी संदीप कुमार राजभर, गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र के गांव महरौली निवासी सोनू चौहान और देवरिया भस्म निवासी इसरावती को एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 43 किलोग्राम से अधिक गांजा और तस्करी में प्रयुक्त दो कार बरामद की गईं।
हालांकि इस कार्रवाई के दौरान सरगना राहुल वर्मा और उसका सहयोगी अर्जुन वर्मा फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि सरगना पिछले लगभग पांच वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय है। वर्ष 2022 में उसे ओडिशा पुलिस ने गांजे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
फरार सरगना की तलाश में कई टीमें
सीओ भीटी लक्ष्मीकांत मिश्र ने बताया कि सरगना बेहद शातिर है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। कई जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क साधा गया है। पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है ताकि सिंडिकेट के सभी सदस्यों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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