प्रयागराज में इंटरमीडिएट के छात्र आशुतोष प्रताप गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना से आक्रोशित परिजन और साथी छात्र बड़ी संख्या में भारद्वाज आश्रम चौराहे पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में नामजद आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास भी किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई छात्र की मौत
जानकारी के अनुसार आशुतोष प्रताप गिरि इंटरमीडिएट का छात्र था। उसकी संदिग्ध दशा में हुई मौत ने परिवार और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए, जहां माहौल गमगीन रहा। पिता विनोद कुमार, जो होमगार्ड के पद पर तैनात हैं, ने अपने पुत्र की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ब्लैकमेलिंग, धमकी और आत्महत्या के लिए उकसाने की बात कहते हुए छात्रा सुहानी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नामजद छात्रा सुहानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भारद्वाज आश्रम चौराहे पर प्रदर्शन
शनिवार की शाम बड़ी संख्या में लोग छात्र का शव लेकर भारद्वाज आश्रम चौराहे पहुंचे। वहां उन्होंने सभी आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम करने का प्रयास किया, जिससे राहगीरों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। यातायात रुकने से क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी।
सूचना मिलते ही एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव और इंस्पेक्टर जार्जटाउन रोहित तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें समझाया कि जांच प्रक्रिया चल रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिजन और छात्र शांत हुए तथा जाम लगाने का प्रयास समाप्त किया गया।
परिवार का आरोप और मांग
मृतक छात्र के पिता विनोद कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि इस उत्पीड़न के कारण आशुतोष ने यह कदम उठाया। परिवार की मांग है कि मुकदमे में नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिवार के सदस्य लगातार बिलखते रहे। स्थानीय लोगों और छात्रों में भी घटना को लेकर रोष देखा गया। कई छात्र संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला संवेदनशील है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। संबंधित मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पृष्ठभूमि और सामाजिक चिंता
प्रयागराज में छात्र की मौत की यह घटना सामाजिक स्तर पर भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हाल के वर्षों में छात्रों से जुड़े मानसिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और उत्पीड़न के मामलों ने अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को सतर्क किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए समय पर संवाद, परामर्श और जागरूकता जरूरी है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सत्य सामने लाया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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