कानपुर में यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन भीषण जाम, कई परीक्षार्थी पैदल पहुंचे केंद्र
कानपुर में 18 मार्च बुधवार से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू हो गई, लेकिन पहले ही दिन शहर की यातायात व्यवस्था परीक्षार्थियों और अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई। सुबह से ही कई प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति रही, जिससे सैकड़ों छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए जूझते नजर आए। शहर में बनाए गए 124 परीक्षा केंद्रों पर कुल 92444 परीक्षार्थियों को हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा देनी थी।
दो पालियों में आयोजित हुई परीक्षा
जिले में पहली पाली की परीक्षा सुबह 8:30 बजे शुरू हुई, जिसमें हाईस्कूल के 46430 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित की गई, जिसमें इंटरमीडिएट के 46014 छात्र सामान्य हिंदी का पेपर देने पहुंचे। परीक्षा की तैयारियां माध्यमिक शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से पूरी कर ली गई थीं, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था ने पूरे प्रबंधन पर असर डाला।
सुबह से केंद्रों पर पहुंचने लगे छात्र
परीक्षार्थी सुबह 7:30 बजे से ही अपने अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। हरजिंदर नगर इंटर कॉलेज सहित विभिन्न केंद्रों पर छात्रों को लाइन में लगाकर सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया। केंद्रों पर पुरुष और महिला शिक्षकों की अलग अलग तैनाती की गई थी ताकि जांच प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
नौबस्ता से लाल बंगला तक जाम
शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौबस्ता, बर्रा, साकेतनगर, गोविंदनगर, फजलंगज और लाल बंगला जैसे क्षेत्रों में लंबा जाम लगा रहा। कई स्थानों पर सड़क खुदाई और निर्माण कार्य के कारण मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे वाहन रेंगते नजर आए। परीक्षा देने जा रहे छात्र और उनके अभिभावक जाम में फंसे रहे और समय पर पहुंचने की चिंता में परेशान दिखे।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई परीक्षार्थियों को अभिभावकों की गाड़ी बीच रास्ते छोड़कर पैदल ही परीक्षा केंद्र की ओर दौड़ना पड़ा। अभिभावक जाम में फंसे लोगों से रास्ता देने की अपील करते नजर आए। कुछ स्थानों पर यातायात नियंत्रित करने में लगे पुलिसकर्मी भी हताश दिखाई दिए।
स्कूलों की छुट्टी और खुदाई ने बढ़ाई समस्या
दोपहर की पाली से पहले कई स्कूलों की छुट्टी होने के कारण भी सड़कों पर भीड़ बढ़ गई। इसके अलावा शहर में चल रहे विभिन्न खुदाई कार्यों ने यातायात दबाव को और बढ़ा दिया। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौतियां स्पष्ट रूप से सामने आईं।
प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण दिन
पहले दिन की परीक्षा के दौरान जाम की समस्या ने प्रशासन के लिए भी चुनौती पैदा की। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच व्यवस्था सख्त रही, लेकिन शहर स्तर पर यातायात नियंत्रण में कमी महसूस की गई। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की गई।
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन का अनुभव यह संकेत देता है कि आगामी परीक्षाओं के लिए यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना आवश्यक है, ताकि परीक्षार्थियों को अनावश्यक तनाव का सामना न करना पड़े और वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें।
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