सोनभद्र में साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, तीन थानों की टीमों ने 6 लाख 42 हजार से अधिक रकम पीड़ितों को कराई वापस
जनपद सोनभद्र में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अनपरा, दुद्धी और ओबरा थाना क्षेत्रों की साइबर टीमों ने अलग अलग मामलों में ठगी गई कुल 6 लाख 42 हजार 556 रुपये से अधिक की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तथा संबंधित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत और तकनीकी समन्वय के कारण यह संभव हो सका।
अनपरा में 6 लाख 45 हजार की ठगी, 3 लाख 2 हजार 846 रुपये वापस
थाना अनपरा क्षेत्र के ई 96 रेनूसागर कालोनी निवासी राघवेन्द्र सिंह के साथ 21 नवंबर 2025 को साइबर ठगी की बड़ी घटना हुई थी। अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें एक फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। फाइल डाउनलोड करते ही उनके बैंक खाते से कुल 6 लाख 45 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होते ही थाना अनपरा की साइबर टीम ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर संबंधित खातों को चिन्हित किया। तकनीकी जांच के दौरान 3 लाख 2 हजार 846 रुपये की धनराशि विभिन्न खातों में होल्ड कराई गई। इसके बाद आवश्यक साक्ष्य संकलित कर संबंधित बैंक शाखाओं से ईमेल और आधिकारिक पत्राचार के माध्यम से समन्वय स्थापित किया गया। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होल्ड की गई पूरी राशि पीड़ित के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय और हेड कांस्टेबल आनन्द मोहन बिन्द की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुद्धी में त्रुटिवश ट्रांसफर हुए 6500 रुपये लौटाए
थाना दुद्धी क्षेत्र के ग्राम धनौरा निवासी धीरज कुमार द्वारा 6500 रुपये की धनराशि गलती से अज्ञात व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित हो गई थी। मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम ने तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क किया और खाते को चिन्हित कर धनराशि होल्ड कराई। लाभार्थी खाते धारक से समन्वय स्थापित कर आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद पूरी 6500 रुपये की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल मन्तोष कुमार और महिला कांस्टेबल संध्या यादव शामिल रहे।
ओबरा में तीन पीड़ितों को 3 लाख 33 हजार 210 रुपये की राहत
थाना ओबरा क्षेत्र में तीन अलग अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल 3 लाख 33 हजार 210 रुपये की धनराशि वापस कराई गई। पहले मामले में खैरटिया बिल्ली मारकुंडी निवासी गोविन्द कृष्ण सिंह को शेयर मार्केट में अधिक लाभ का लालच देकर 2 लाख 44 हजार 95 रुपये फर्जी निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए गए थे। दूसरे मामले में नितिन विश्वकर्मा को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनकी कार्ड संबंधी जानकारी और ओटीपी प्राप्त कर 87 हजार 794 रुपये की अनाधिकृत लेनदेन कर ली गई। तीसरे मामले में अजय कुमार वर्मा से वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 1321 रुपये की ठगी की गई।
तीनों पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। थाना ओबरा की साइबर टीम ने एनसीआरपी पोर्टल के जरिए संबंधित खातों को होल्ड कराया। आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर बैंक शाखाओं से समन्वय स्थापित किया गया। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 3 लाख 33 हजार 210 रुपये की धनराशि तीनों पीड़ितों के मूल खातों में वापस करा दी गई। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय और कांस्टेबल पंकज पाल शामिल रहे।
समन्वित प्रयास से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक और संबंधित क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में सभी थानों की साइबर टीमों ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई की। तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय और विधिक प्रक्रिया के पालन से ही ठगी गई धनराशि का एक बड़ा हिस्सा वापस कराया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शिकायत दर्ज होने से धनराशि को होल्ड कराने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर जागरूकता पर जोर
सोनभद्र पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक खाता संख्या, नेट बैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने या अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें। शेयर मार्केट, निवेश, वर्क फ्रॉम होम या क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर आने वाले कॉल और संदेशों की सत्यता की जांच अवश्य करें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध की घटना होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। निकटतम थाने को भी तुरंत सूचित करें। त्वरित सूचना से तकनीकी कार्रवाई शीघ्र शुरू की जा सकती है।
जनपद में साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे को देखते हुए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर शिकायत और पुलिस के साथ सहयोग से साइबर ठगी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई संभव है।
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