कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: ड्राइवर के सरेंडर के बाद केस में यू टर्न, कोर्ट ने मोहन की अर्जी खारिज की
कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से जुड़े बहुचर्चित हादसे में बुधवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। पहले खुद को ड्राइवर बताने वाले मोहन ने दोपहर में कोर्ट में सरेंडर कर दिया, इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी मो. तौसीफ ने समझौते की बात कही। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने मोहन की अर्जी खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि पुलिस की रिपोर्ट में आरोपी के रूप में शिवम मिश्रा का नाम दर्ज है, मोहन का नहीं। ऐसे में उसे आरोपी मानते हुए जमानत पर विचार करने का आधार नहीं बनता।
कोर्ट में मोहन का दावा, मैं चला रहा था गाड़ी
मोहन अपने वकील नरेंद्र कुमार यादव के साथ अदालत पहुंचा। उसने कहा कि हादसे के समय शिवम मिश्रा की गाड़ी वही चला रहा था। उसके मुताबिक शिवम को अचानक दौरा पड़ गया था, जिससे वह घबरा गया और नियंत्रण खो बैठा। मोहन ने अदालत को बताया कि हादसे के बाद जब शीशा तोड़ा गया और दरवाजा खोला गया तो वह नीचे की ओर से निकल गया था, जबकि शिवम को बाउंसर ने बाहर निकाला। उसके अनुसार हादसे के बाद वह एक कोने में खड़ा हो गया था और शिवम को दूसरी गाड़ी से ले जाया गया।
वादी की ओर से समझौते की बात
शिवम मिश्रा की ओर से पेश अधिवक्ता नरेंद्र कुमार यादव ने अदालत में कहा कि घायल और वादी मो. तौसीफ ने ड्राइवर के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि वादी ने पहचान की है कि गाड़ी मोहन चला रहा था और आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहता। हालांकि यह बयान पुलिस की जांच रिपोर्ट से अलग है, जिसमें आरोपी के रूप में शिवम मिश्रा का नाम दर्ज किया गया है।
पुलिस रिपोर्ट में शिवम आरोपी
जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी ने बताया कि शिवम मिश्रा की ओर से जब्त लेम्बोर्गिनी कार को रिलीज कराने के लिए अर्जी दी गई है। वहीं पुलिस की जांच रिपोर्ट में शिवम मिश्रा को ही आरोपी ड्राइवर बताया गया है। ग्वालटोली थाने के दरोगा दिनेश कुमार द्वारा दाखिल जांच रिपोर्ट में शिवम को आरोपी माना गया है और संबंधित साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं।
रविवार को छह लोगों को कुचल चुकी है कार
गौरतलब है कि रविवार को लेम्बोर्गिनी कार ने छह लोगों को कुचल दिया था। घटना का वीडियो भी सामने आया था। पुलिस कमिश्नर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर दावा किया था कि कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम चला रहा था। इसके बाद एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा गया था।
मंगलवार को कारोबारी केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि हादसे के समय उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था, बल्कि ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था और शिवम सो रहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि हादसे के बाद कार लॉक हो गई थी, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी।
सीसीटीवी और चश्मदीदों के बयान बने आधार
पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। जांच रिपोर्ट के अनुसार हादसे के समय कार में कोई अन्य ड्राइवर मौजूद नहीं था। इसी आधार पर पुलिस ने शिवम को आरोपी मानते हुए कार्रवाई की है।
फिलहाल लेम्बोर्गिनी कार थाने में ही जब्त है और मामले की आगे की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी। बुधवार की कार्यवाही के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जांच रिपोर्ट और अदालत के रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
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